सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी ने मनाया अपना चौथा स्थापना दिवस
मंडी, 01 अप्रैल (हि.स.)। सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी का चतुर्थ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। यह अवसर विश्वविद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों एवं भविष्य की दिशा का प्रतीक रहा। इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री सम्मानित हरिमन शर्मा, जिन्हें एप्पल मैन ऑफ हिमाचल के नाम से जाना जाता है, उपस्थित रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि माननीय कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी रहे। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्रार शशि पाल नेगी तथा वित्त अधिकारी एच. एस. सैनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पवन चंद, अधिष्ठाता शैक्षणिक द्वारा औपचारिक स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने वर्ष 2025–26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि स्थापना दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, परंपराओं एवं भविष्य के संकल्पों का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का ध्येय वाक्य - न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते है, जो ज्ञान के महत्व को दर्शाता है। वर्ष 2022 में स्थापित यह विश्वविद्यालय आज गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 10 स्नातकोत्तर कार्यक्रम एवं 6 विषयों में पीएच.डी. शामिल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत मल्टीपल एंट्री-एग्जिट तथा अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट प्रणाली लागू की गई है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने 2.30 करोड़ रुपये से अधिक की शोध परियोजनाएं प्राप्त की हैं, 25 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, 8 पुस्तकें प्रकाशित की हैं तथा एक पेटेंट प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, राष्ट्रीय संगोष्ठियां, कार्यशालाएं एवं व्याख्यान आयोजित किए गए। विशेष पहलों में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना, 15 संस्थानों के साथ एमओयू, पूर्व छात्र संघ का गठन, मंडी दर्शन ऐप का शुभारंभ तथा सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन उल्लेखनीय रहा।
कुलपति ने विश्वविद्यालय में खेल एवं युवा मामलों के निदेशालय की स्थापना को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने अपने संबोधन में शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम के लिए प्रेरित करें तथा उनमें नवाचार की भावना विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने, तनाव प्रबंधन सीखने और सकारात्मक सोच के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकें।
मुख्य अतिथि हरिमन शर्मा ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय द्वारा हिमाचल प्रदेश के मध्य क्षेत्र में उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कुलपति के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, खेल गतिविधियों के विस्तार तथा रिक्त पदों को भरने के प्रयासों को सराहनीय बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए परिश्रम, नवाचार एवं व्यावहारिक ज्ञान अपनाने की प्रेरणा दी तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर यूजीसी नेटएवं जेआरएफ जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम, विशेषकर हिमाचली लोकनृत्य नाटी, आकर्षण का केंद्र रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

