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शिमला में सफाई कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी, सफाई व्यवस्था हो सकती है प्रभावित

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शिमला, 13 मार्च (हि.स.)। राजधानी शिमला में आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। शहर में कूड़ा उठाने का काम करने वाले सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे शहर में कूड़ा उठाने का काम ठप हो सकता है।

शुक्रवार को सैहब सोसायटी से जुड़े कर्मचारियों ने शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और अपनी नाराजगी जताई। कर्मचारियों का कहना है कि सोसायटी के करीब 34 सुपरवाइजरों को फरवरी महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सैहब सोसायटी के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि नगर निगम शिमला के कमिश्नर ने 34 सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है। उनके अनुसार निगम की ओर से यह कहा जा रहा है कि कर्मचारियों ने बायोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी नहीं लगाई, इसलिए उनका वेतन रोका गया है। हालांकि उन्होंने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि कर्मचारी बायोमेट्रिक प्रणाली का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन पहले उनकी लंबित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।

जसवंत सिंह का कहना है कि आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों को कई जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से पहले यह आश्वासन दिया गया था कि जिन कर्मचारियों का दो साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा, उन्हें नगर निगम में मर्ज किया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ और बकाया वेतन जारी नहीं किया गया, तो सैहब सोसायटी के कर्मचारी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में शिमला शहर में कूड़ा उठाने का काम प्रभावित हो सकता है और सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा