विजयादशमी पर सुन्नी में हुआ शस्त्र पूजन, आरएसएस स्वयंसेवकों ने निकाला पथ संचलन
शिमला, 20 अक्टूबर (हि.स.)।विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को शिमला जिले के सुन्नी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। पथ संचलन सरस्वती विद्या मंदिर से शुरू हुआ और सुन्नी बाजार से होकर गुजरा। इसके बाद शस्त्र पूजन और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप सिंह समयाल मुख्य वक्ता रहे, जबकि पूर्व आईपीएस अधिकारी रामेश्वर ठाकुर ने अध्यक्षता की। बौद्धिक कार्यक्रम में प्रताप सिंह समयाल ने विजयादशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने इस पर्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार रखे।
समयाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका के बारे में जानकारी दी। संघ के 101वें वर्ष के संदर्भ में उन्होंने समाज में जातिवाद जैसी कुरीतियों पर चिंता जताई और सामाजिक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्र आराधना और संघ की पंच परिवर्तन योजना पर भी जोर दिया। समयाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र आराधना में विश्वास करता है और हिंदू समाज को संगठित करने के लिए काम करता है। उन्होंने हिंदू समाज से देशहित में पंच परिवर्तन के विचारों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विजयादशमी के महत्व, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों पर चर्चा की गई। शस्त्र पूजन और पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने संघ की परंपरा के अनुसार पर्व मनाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

