कुल्लू में आरएसएस का पथ संचलन, शताब्दी वर्ष में राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
कुल्लू, 21 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से विजयदशमी के पावन अवसर पर कुल्लू में भव्य पथ संचलन और बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पथ संचलन रामशीला स्थित बैरागीयन भवन से शुरू हुआ और अखाड़ा बाजार व सरवरी से होते हुए ढालपुर मार्ग के रास्ते लंकाबेकर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। अनुशासित पंक्तियों में कदम से कदम मिलाकर चलते स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के सह-संगठन सतीश कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने बौद्धिक संबोधन में उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में संगठन के कार्यों में योगदान देने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के 100 वर्ष पूरे होना सामान्य बात नहीं है। संघ की यह यात्रा अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों से भरी रही है, लेकिन इसके बावजूद संगठन निरंतर आगे बढ़ा है। आज समाज का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां संघ के स्वयंसेवक अपनी निष्ठा और समर्पण के साथ भूमिका नहीं निभा रहे हों।
विजयदशमी शौर्य और विजय का प्रतीक
विजयदशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सतीश कुमार ने कहा कि यह पर्व शौर्य, पराक्रम और विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इसी पावन अवसर पर परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। संघ का उद्देश्य संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित कर देश को परम वैभव की ओर ले जाना है।
भारत की बढ़ती शक्ति का किया उल्लेख
मुख्य वक्ता ने वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विश्व में एक बड़ी शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वैश्विक आर्थिक और सांस्कृतिक शक्तियां भारत की प्रगति को बाधित करने तथा विभिन्न आंदोलनों को समर्थन देकर देश में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की आंतरिक शक्ति और देशवासियों की एकजुटता के चलते ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से समाज को जोड़ने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण के कार्य में निरंतर जुटा हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / जसपाल सिंह

