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धूल से नरक बनी मंडी को फोरलेन से जोड़ने वाली सड़क

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धूल से नरक बनी मंडी को फोरलेन से जोड़ने वाली सड़क


मंडी, 21 अक्टूबर (हि.स.)। मंडी शहर को फोरलेन से जोड़ने वाली कांगणी जंगल वाली सड़क नरक बन गई है। यह सड़क मंडी शहर का प्रवेश द्वार भी है जो पहले बल्ह घाटी को जोड़ती थी मगर फोरलेन के बन जाने के बाद चंडीगढ़ दिल्ली, शिमला व सुंदरनगर, हमीरपुर, सरकाघाट, करसोग, जंजैहली व बल्ह घाटी की तरफ से पूरा यातायात अब इसी से होकर आ जा रहा है। इसे कुछ चौड़ा करने का प्रयास किया गया जिससे पुरानी पक्की सड़क भी उखड़ गई और नई भी नहीं बन पाई।

विधायक अनिल शर्मा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए केंद्रीय फंड से सवा 6 करोड़ मांगा है, खुद नितिन गडकरी से भी वह मिल आए हैं मगर अभी तक कोई फंड नहीं मिल पाया है। अब यह सड़क पूरी तरह से धूल भरी हो गई। ऐसा लगता है कि सड़क में गढ्डे नहीं बल्कि गढ्डों में ही सड़क चल रही है। दो पहिया वाहनों के लिए तो आफत है। बार बार गिरने की घटनाएं हो रही है। चारों ओर दिन भर वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ती रहती है जो इस मार्ग पर चल रहे स्कूलोें व कोचिंग सेंटरों के बच्चों को भी प्रभावित कर रही है। यही नहीं स्थानीय लोगों के लिए तो यह जानलेवा बन गया है। उनके घर पूरी तरह से धूल की परत के नीचे दब गए हैं, पशुओं का चारा धूूल से बर्बाद हो गया है। जल स्त्रोत भी इस धूल की चपेट में हैं।

स्थानीय लोग पूरा दिन अपने घरों के आगे पानी छिड़कते रहते हैं मगर इससे भी कोई राहत नहीं मिलती। चंडीगढ़ शिमला या अन्य जगहों सुंदरनगर आदि से आने वाले सभी वाहन चालक फोरलेन से ही आना चाहते हैं जिनके लिए मंडी के लिए एकमात्र यही संपर्क है। ऐसे में इस मार्ग पर एक तरह से वाहनों की कतारें ही लगी रहती हैं। बाहर से आने वाले लोगों व पर्यटकों की नजर में भी एक गलत तस्वीर छोटी काशी मंडी, लोक निर्माण विभाग व प्रदेश सरकार की इस सड़क की दुर्दशा के कारण जा रही है।

लोगों की सरकार, लोक निर्माण मंत्री, विभाग, प्रशासन व नगर निगम से गुहार है कि इस महज डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क जो नेशनल हाइवे पुलघराट से लेकर फोरलेन की मलोरी टनल तक है की हालत को सुधारा जाए। जब तक इसे पक्का करने के लिए पैसा नहीं आता तब तक कम से कम इस पर नियमित छिड़काव की व्यवस्था की जाए। पानी का छिड़काव तो प्रशासन या नगर निगम भी कर सकता है। लोगों की सुविधा व स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना कहां तक सही है जबकि हर व्यक्ति सड़क पर चलने का टैक्स भर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा