रेणुका जी बांध विस्थापितों की चेतावनी, जब तक मांगें पूरी नहीं, तब तक डूब क्षेत्र में कोई टेस्टिंग नहीं
नाहन, 05 मई (हि.स.)। रेणुका जी बांध विस्थापित संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को ददाहू में अध्यक्ष विजय ठाकुर के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस बैठक में विस्थापितों की ज्वलंत मांगों पर चर्चा की गई और आगामी संघर्ष की रणनीति तैयार की गई। बैठक के उपरांत समिति के प्रतिनिधिमंडल ने एचपीपीसीएल के जीएम अनूप शर्मा से मुलाकात कर उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा।
संघर्ष समिति ने विशेष रूप से हाउसलेस परिवारों को मिलने वाली ग्रांट और उन छह परिवारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जिन्हें एचपीपीसीएल बाहर निकालने की तैयारी में है। जीएम अनूप शर्मा ने विस्थापितों को विश्वास दिलाया कि हाउसलेस ग्रांट के पत्र 10 दिनों के भीतर सभी पात्र लोगों को मिल जाएंगे। साथ ही, विस्थापितों द्वारा नकारी गई जमीन के मामले में उन्होंने एक महीने के भीतर हाई कमान से बात कर सकारात्मक समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मुख्य मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की टेस्टिंग नहीं होने दी जाएगी। इसके अलावा, पटेल कंपनी द्वारा किए जा रहे टनल निर्माण कार्य पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। समिति का आरोप है कि चरागाह क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण विभाग की अनुमति के बिना पेड़ काटे जा रहे हैं और उन्हें मिट्टी में दबाया जा रहा है।
प्रेस सचिव योगी ठाकुर ने बताया कि निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे को निर्धारित डंपिंग साइट के बजाय सीधे नदी में डाला जा रहा है, जो कि कानून का उल्लंघन है। इस विषय में रेणुका के डीएफओ से भी वार्ता की गई है, जिन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन और अनदेखी जारी रही, तो निर्माण कार्य को बंद करवा दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

