मंडी के सतोहल में बाल रंगमंच कार्यशाला कला उत्सव–2026 संपन्न
मंडी, 25 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं रंगमंडल, सतोहल द्वारा आयोजित बाल रंगमंच कार्यशाला कला उत्सव–2026 का सतोहल नाट्य प्रेक्षागृह में रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ।
कार्यशाला में बच्चों ने कला के विविध आयामों को एक सूत्र में पिरोते हुए अत्यंत आत्मविश्वास, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपनी प्रस्तुतियां मंचित की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध कवि शमशेर बहादुर सिंह की कविता चांद निकला बादलों से की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुआ। बच्चों ने अपनी मधुर अभिव्यक्ति से कविता को जीवंत कर दिया, जिसमें स्वर सहयोग पूजा चक्रवर्ती द्वारा प्रदान किया गया। इसके पश्चात बच्चों ने कबीर दास के दोहों एवं उनके जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, नशा मुक्ति अभियान पर आधारित एक प्रभावशाली एकांकी, पहाड़ी लोकनृत्य तथा लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।
15 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला में बच्चों को रंगमंच के विभिन्न आयामों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें आशु अभिनय, शारीरिक अभ्यास, वॉइस एंड स्पीच, अभिव्यक्ति, समूह समन्वय तथा शिक्षा में रंगमंच के महत्व जैसे विषयों पर विशेष रूप से कार्य किया गया। कार्यशाला में लगभग 40 से 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस कार्यशाला का निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी सीमा शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सतोहल नाट्य संस्थान में इस प्रकार की कार्यशालाएं निरंतर आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चों को लोक कला, लोक साहित्य और रंगमंच से जोड़ते हुए उनकी सृजनात्मक प्रतिभा का विकास किया जा सके तथा उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जा सके। कार्यशाला में सदयाना, सतोहल, भटवाड़, चनौण, तल्याहड़, कोट तथा आसपास के अनेक गाँवों से बच्चों ने भाग लिया। संस्थान वर्षों से अपनी निरंतर रंगमंचीय एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
स्थानीय बच्चों के लिए यह कार्यशाला एक ऐसा सशक्त मंच सिद्ध हुई, जहाँ उन्हें कला के विभिन्न पक्षों को निकटता से समझने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला। सीमा शर्मा का यह सतत प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो मंडी जनपद के बच्चों को अपनी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और साहित्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। निस्संदेह यह पहल भविष्य में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

