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कोटली रामलीला: महाराज दशरथ को दिया पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप

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कोटली रामलीला: महाराज दशरथ को दिया पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप


कोटली रामलीला: महाराज दशरथ को दिया पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप


मंडी, 13 अक्टूबर (हि.स.)। मंडी जिला के कोटली में श्री रामलीला कमेटी कोटली की ओर से स्थानीय किसान भवन में रामलीला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। दूसरी संध्या के अवसर पर सोमवार को राम जन्म तथा सीता जन्म के मनोरम दृश्य दिखाए गए। प्रथम दृश्य में जंगल में आखेट कर रहे अयोध्या के महाराज दशरथ के हाथों गलती से मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार का वध हो जाता है। जिस पर क्रोधित होकर श्रवण के माता-पिता महाराज दशरथ को यह श्राप देते हैं कि जिस प्रकार उनको पुत्र वियोग में अपनी जान गंवानी पड़ रही है इस प्रकार उन्हें भी पुत्र के वियोग में दम तोड़ना पड़ेगा। आगे के दृश्य में महाराज दशरथ महामुनी वशिष्ठ के परामर्श पर पुत्रेष्टि यज्ञ करवाते हैं जिसके परिणाम स्वरूप उनके चार पुत्र राम लक्ष्मण भारत और शत्रुघ्न होते हैं।

उधर मिथिला के राजा जनक के राज्य में भीषण अकाल पड़ता है जिससे निजात पाने के लिए उन्हें सोने का हल बनाकर खुद उसे जोतने की सलाह दी जाती है। राजा जनक जब अपनी रानी सहित हल चल रहे होते हैं तो धरती से अचानक एक कन्या प्रकट होती है जिसका नाम सीता रखा जाता है।

रामलीला उत्सव की दूसरी संध्या पर ग्राम पंचायत भरगांव की प्रधान संतोष कुमारी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपनी ओर से रामलीला कमेटी को 7100 की नगद राशि सहयोग के तौर पर भेंट की। इससे पूर्व आयोजन स्थल पर पहुंचने पर कमेटी ने ढोल नगाड़ों एवं फूलमालाओं के साथ मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत किया।

रामलीला कमेटी के प्रधान प्रशांत मोहन, निदेशक नरेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष कमल किशोर, संगीत निर्देशक शेर सिंह ठाकुर,सह सचिव पवन कुमार, महिला मंडल कोटली की प्रधान अंजलि ने मुख्य अतिथि को शॉल टोपी एवं स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के साथ आए महिला मंडल अमला ताला की प्रधान दया देवी, हिमाचली देवी, रीना देवी तथा कल्पना को भी सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा