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रोहड़ू में सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों पर स्थायी प्रतिबंध, फायरिंग पर सख्त कार्रवाई के आदेश

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शिमला, 27 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में धार्मिक समारोह के जश्न के दौरान हुई फायरिंग में एक महिला की मौत के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक या सामाजिक आयोजन में हथियार लेकर जाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। धर्मेश कुमार, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रोहड़ू ने एक आदेश जारी कर सेलिब्रेटरी फायरिंग यानी जश्न में की जाने वाली हवाई फायरिंग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह आदेश सोमवार को जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों का उपयोग लोगों की सुरक्षा और जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति अब किसी धार्मिक समारोह, त्योहार, शादी या अन्य सामाजिक कार्यक्रम में लाइसेंसी हथियार भी साथ नहीं ले जा सकेगा।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि जश्न के नाम पर की जाने वाली फायरिंग पूरी तरह गैरकानूनी मानी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की फायरिंग करता पाया जाता है, तो उसका हथियार जब्त किया जाएगा, लाइसेंस रद्द किया जाएगा और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आदेश में आर्म्स एक्ट 1959 की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियां दंडनीय अपराध हैं।

उपमंडलाधिकारी ने आयोजकों की जिम्मेदारी भी तय की है। आदेश के मुताबिक, किसी भी कार्यक्रम के आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे कि आयोजन स्थल पर कोई व्यक्ति हथियार लेकर न आए। यदि ऐसा होता है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। इसके अलावा पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे लोगों की पहचान करें जो सार्वजनिक आयोजनों में हथियार लेकर आते हैं और जरूरत पड़ने पर उनके हथियार अस्थायी या स्थायी रूप से जमा करवाए जाएं।

आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 सहित आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। रोहड़ू और चिड़गांव के थाना प्रभारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

दरअसल, बीती रात रोहड़ू के चिड़गांव क्षेत्र के कुलगांव में एक धार्मिक समारोह के दौरान हवाई फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसमें 26 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया कि ऐसे आयोजनों में पारंपरिक तौर पर हथियार लाने और फायरिंग करने की प्रथा रही है, जिस पर अब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा