मंजू शर्मा मौत मामले पर कुल्लू में फूटा जनता का गुस्सा, सैंकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन
कुल्लू, 08 जुलाई (हि.स.)। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मंजू शर्मा की मौत के मामले को लेकर बुधवार को लोगों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों की संख्या में लोग रथ मैदान में एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार तथा स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।
रथ मैदान से प्रदर्शनकारी सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सराजी और संजय चौहान के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एसपी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंजू शर्मा की मौत के बाद सरकार ने संबंधित डॉक्टर और दो नर्सों को निलंबित कर दिया था, लेकिन बाद में डॉक्टर और नर्सों की उपायुक्त और एसपी से मुलाकात के बाद उनके बयान के आधार पर सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब पीड़ित परिवार ने डॉक्टर और नर्सों के खिलाफ शिकायत दी थी तो उस आधार पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। उनका आरोप था कि प्रशासन इस पूरे मामले में दोहरा मापदंड अपना रहा है।
बंटी सराजी और संजय चौहान ने आरोप लगाया कि उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया के कई अकाउंट्स पूरे भारत में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्पष्ट करे कि यह कार्रवाई किस कानूनी आधार पर की गई है।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र को ज्ञापन सौंपकर तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने प्रतिबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स को तत्काल बहाल करने, सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने तथा मंजू शर्मा की मौत के मामले की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद कुल्लू में मामले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर टिकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / जसपाल सिंह

