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निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म और किताबों की बिक्री पर रोक, नियम तोड़ने पर रद्द हो सकती है मान्यता

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शिमला, 23 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूल अब अपने परिसर में यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, बैज, जूते और अन्य शिक्षण सामग्री की बिक्री नहीं कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि स्कूल परिसर में इस तरह की व्यावसायिक गतिविधि नियमों के खिलाफ है। यदि कोई निजी शिक्षण संस्थान इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।

शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी स्कूल विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों पर स्कूल परिसर से यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य सामग्री खरीदने का दबाव नहीं बना सकता। इसी तरह स्कूल किसी विशेष निजी दुकान से वर्दी या अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए भी अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकते। अभिभावक अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार किसी भी दुकान से यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे।

हालांकि, निदेशालय ने यह भी साफ किया है कि शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों और प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पुस्तिकाओं की बिक्री को व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जाएगा। ऐसे में बोर्ड की निर्धारित किताबें और प्रायोगिक पुस्तिकाएं स्कूल परिसर में उपलब्ध कराई जा सकती हैं और यह नियमों के दायरे में रहेगा।

शिक्षा निदेशक की ओर से जारी निर्देशों का उद्देश्य निजी स्कूलों में मनमानी पर रोक लगाना और अभिभावकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना है। सभी निजी स्कूल प्रबंधन को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा