home page

वीबी-जी रामजी पर अफवाह फैलाने की बजाय उसका लाभ उठाए सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

 | 
वीबी-जी रामजी पर अफवाह फैलाने की बजाय उसका लाभ उठाए सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर


मंडी, 12 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह, उनके मंत्रिमंडल के मंत्री और मित्र मंडल द्वारा विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण वीबी-जी रामजी को लेकर झूठ फैला रहे हैं। जिसका अब पर्दाफाश हो चुका है।

उन्होंने रविवार को एक बयान में कहा कि दिहाड़ी में कमी, प्रशासनिक चार्ज में कमी से लेकर हिमाचल को मिलने वाले अनुदान में कमी के सारे दावे बेनकाब हो चुके हैं। इसलिए अब मुख्यमंत्री से आग्रह है कि विबी-जी रामजी को बदनाम करने की बजाय उसके प्रावधानों का लाभ उठाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें। यदि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना छोड़कर मुख्यमंत्री विबी-जी रामजी की योजनाओं को बेहतरीन ढंग से क्रियान्वित करवाएंगे। तो प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली 20 प्रतिशत ग्रांट का लाभ भी हिमाचल प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने परफॉर्मेंस ग्रांट भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दी है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि विबी-जी रामजी कानून बनने के दिन से ही कांग्रेस पूरे देश में इसके खिलाफ विभिन्न प्रकार के दुष्प्रचार का अभियान चला रही है। बिना कानून पढ़े, बिना उसके प्रावधानों को समझे, बिना उसके नियमों को जाने, जिस भी नेता के मन में जो आ रहा है, बोले जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने दिहाड़ी में कमी का आरोप लगाया, हिमाचल को मिलने वाली ग्रांट में कमी का आरोप लगाया, लेकिन सारे आरोप निराधार निकले। हिमाचल प्रदेश को पहले 9 महीने के लिए 1203 करोड़ रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गय।, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 300 करोड़ रुपए अधिक है। इसी तरह दिहाड़ी भी मनरेगा से अधिक रही। इसलिए राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सरकार योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विबी-जी रामजी में सरकार की जवाबदेही, रोजगार की पारदर्शिता, रोजगार के अधिकार, काम के भुगतान और रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी के प्रावधान हैं और भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे खत्म हो रहे हैं। इसी बात से सुक्खू सरकार परेशान है। यह योजना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देती है। उन्हाेंने कहा कि काम करने के इच्छुक हर व्यक्ति को रोजगार देने का प्रावधान है। निर्माण कार्य के खर्च में केंद्र ने अपनी 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बढ़ाई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा