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पेपर लीक पर कांग्रेस को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं : राकेश जमवाल

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पेपर लीक पर कांग्रेस को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं : राकेश जमवाल


मंडी, 25 जुलाई (हि.स.)। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस को पेपर लीक मामले पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर राजनीतिक नौटंकी कर रही है। जबकि हिमाचल प्रदेश का इतिहास गवाह है कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में रही, तब-तब भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब प्रदेश की जनता को देना चाहिए। राकेश जमवाल ने कहा कि वर्ष 2006 का चर्चित सीपीएमटी पेपर लीक मामला आज भी हिमाचल के युवाओं के लिए एक काला अध्याय है। कांग्रेस शासनकाल में हुई इस घटना ने हजारों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परीक्षा दोबारा करवानी पड़ी। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ और इसमें अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका रही। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि लगभग दो दशक बाद भी यह मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उस समय छात्रों के साथ हुए इस अन्याय की जिम्मेदारी किसकी थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भाजपा पर आरोप लगाने का प्रयास कर रही है। जबकि सच्चाई यह है कि 11 दिसंबर 2022 को कांग्रेस सरकार सत्ता में आई और मात्र 20 दिन के भीतर ही जेओएआईटी पेपर लीक का मामला सामने आ गया। 23 दिसंबर 2022 को पेपर लीक की घटना सामने आई और 25 दिसंबर को होने वाली परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद जांच में कर्मचारी चयन आयोग से जुड़ी कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं और अंततः पूरे आयोग को भंग करना पड़ा। यह कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का सबसे बड़ा भर्ती विवाद बन गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय जवाबदेही तय करे। नीट और अन्य परीक्षाओं को लेकर भी कांग्रेस देश के छात्रों की भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हमेशा युवाओं के हितों के साथ खड़ी रही है। परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं।

राकेश जमवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के खिलाफ कड़ा कानून बनाया है। जिसमें दोषियों पर सख्त कार्रवाई, भारी जुर्माने और त्वरित न्याय की व्यवस्था की गई है। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की चिंता करना नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब कांग्रेस की दोहरी राजनीति को समझ चुका है। भाजपा हमेशा निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती व्यवस्था के पक्ष में रही है और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर संघर्ष करती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा