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छात्रों पर बल प्रयोग करना सरकार की युवा विरोधी सोच का प्रमाण : इंद्र सिंह गांधी

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छात्रों पर बल प्रयोग करना सरकार की युवा विरोधी सोच का प्रमाण : इंद्र सिंह गांधी


मंडी, 21 अगस्त (हि.स.)। भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मंडी में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं छात्रों के साथ कथित धक्का-मुक्की और बलप्रयोग की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाना हर नागरिक और छात्र का अधिकार है, लेकिन सरकार ने छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग का रास्ता अपनाया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य मंडी सहित पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना था। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार लगातार विश्वविद्यालय का दायरा कम करने और उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के साथ इस प्रकार का व्यवहार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में फीस वृद्धि सहित विद्यार्थियों से जुड़े अनेक मुद्दों को लेकर छात्र संगठन शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार को उनकी मांगों पर संवाद करना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत छात्रों पर कानूनी कार्रवाई, धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज किया जाना सरकार की युवा विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को हर वर्ष एक लाख सरकारी पक्की नौकरियां देने का वादा किया था। लेकिन चार वर्ष बीतने के बावजूद प्रदेश का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ किया गया यह छलावा अब प्रदेश की जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा घटाने के बजाय उसे और मजबूत किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा