हिम केयर योजना को बंद करने के बहाने खोज रही है सुक्खू सरकार: जयराम ठाकुर
शिमला, 26 मार्च (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिम केयर योजना को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिमला से गुरूवार को जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि लाखों लोगों की जान बचाने वाली हिम केयर योजना को घोटाला कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भरा बयान है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस योजना को बंद करने के लिए बहाने खोज रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी सरकार के समय हिम केयर और आयुष्मान योजना के तहत साढ़े पांच लाख से अधिक लोगों का इलाज हुआ और इस पर पांच सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग पहले इलाज कराने से डरते थे और कई बार बीमारी छुपा लेते थे, लेकिन हिम केयर योजना ने ऐसे लोगों को नई जिंदगी देने का काम किया। उनका कहना था कि इस योजना ने लोगों को इलाज करवाने का भरोसा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के तीन साल के कार्यकाल के बाद भी जनता को बताने के लिए कोई बड़ी योजना सामने नहीं आई है। इसी कारण पहले से चल रही जनहित की योजनाओं को बंद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं ने लोगों की जिंदगी बदली, उन्हें बंद करना राजनीतिक बदले की भावना को दर्शाता है और प्रदेश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में विधानसभा में हिम केयर पर खर्च को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए। उन्होंने कहा कि एक ही सत्र में कभी नौ सौ बहत्तर करोड़ रुपये, कभी सात सौ पचास करोड़ रुपये और कभी एक हजार बहत्तर करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई। उन्होंने पूछा कि इनमें से सही आंकड़ा कौन सा है और सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि हिम केयर योजना का कुल बकाया कितना है, जिसके कारण लोगों को इलाज में परेशानी हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हिम केयर योजना के तहत इलाज को केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित कर दिया गया है, जिससे लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। उनका कहना था कि अस्पतालों में दवाइयों और शल्य चिकित्सा से जुड़ी सामग्री की कमी की खबरें सामने आ रही हैं और कई जगह भुगतान न होने के कारण आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों के उपचार में देरी हो रही है।
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि यदि सरकार को वास्तव में किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी थी, तो तीन साल तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका कहना था कि सरकार को जनता के हित में योजनाओं को मजबूत करना चाहिए, न कि उन्हें बंद करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

