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कोर्ट में बार-बार खारिज हो रहे प्रदेश सरकार के फैसले : जयराम ठाकुर

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कोर्ट में बार-बार खारिज हो रहे प्रदेश सरकार के फैसले : जयराम ठाकुर


मंडी, 25 अप्रैल (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार के फैसले लगातार अदालत में खारिज हो रहे हैं, जो उसकी नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र में सपैहणी धार मेले के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

जयराम ठाकुर ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े विधेयक 2024 को असंवैधानिक घोषित किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वही कानून है, जिसे पहले भी अदालत ने खारिज किया था और इसके बावजूद सरकार ने इसे दोबारा लाकर पारित किया। उनके मुताबिक, विपक्ष ने उस समय ही चेतावनी दी थी कि यह कानून न्यायालय में टिक नहीं पाएगा, लेकिन सरकार ने संख्या बल के दम पर इसे पास कराया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के अधिकारों में बदलाव कर उनके साथ अन्याय करना चाहती थी और अपनी जिम्मेदारियों को आगे की सरकारों पर डालना चाहती थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले में हार का सामना कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी नीति नहीं बदली।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है जब सरकार को अदालत में झटका लगा हो। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले बागी विधायकों की पेंशन रोकने का फैसला, सीपीएस नियुक्तियां, वाटर कमीशन का गठन और बिजली दरों से जुड़े फैसले भी अदालत द्वारा खारिज किए जा चुके हैं। इसके अलावा पंचायत चुनाव के मामलों में भी सरकार को कई बार फटकार मिल चुकी है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि बार-बार अदालत द्वारा कानूनों को असंवैधानिक घोषित किए जाने से विधानसभा की गरिमा पर असर पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे भविष्य में ऐसे फैसले लेने से बचें जो कानूनी कसौटी पर खरे न उतरें और विपक्ष की बातों को गंभीरता से लें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा