धरने से नहीं छिपेंगी सुक्खू सरकार की नाकामियां : राकेश जमवाल
मंडी, 22 जुलाई (हि.स.)। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि धरने से सुक्खू सरकार की नाकामियां नहीं छिपेगी। उन्होंने कहा कि लोक भवन के बाहर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं द्वारा दिया गया धरना पूरी तरह राजनीतिक प्रपंच था। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री देख रही है, जो अपनी ही सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए धरने पर बैठ रहा है। कांग्रेस सरकार झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर अपनी जवाबदेही से बचना चाहती है, लेकिन प्रदेश की जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है।
राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार के खिलाफ धरना देने के बजाय प्रदेश की जनता को यह जवाब देना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि चुनावी गारंटियों का क्या हुआ, विकास कार्य क्यों ठप पड़े हैं, कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर भुगतान क्यों नहीं हो रहा, युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा । यही नहीं प्रदेश को लगातार कर्ज के दलदल में क्यों धकेला जा रहा है। अपनी प्रशासनिक विफलताओं और आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए केंद्र सरकार को दोष देना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर कांग्रेस सरकार धरनों के माध्यम से राजनीतिक सहानुभूति लेने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने का अभियान चला रही है। देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया विजिलेंस मामला इसका ताजा उदाहरण है। यह कार्रवाई कानून के शासन से अधिक राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित दिखाई देती है।
जमवाल ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो फिर देहरा उपचुनाव के दौरान महिला मंडलों के खातों में 50-50 हजार रुपए जमा किए जाने के मामले की जांच आज तक क्यों नहीं हुई। उस मामले में शिकायतें होने के बावजूद न कोई एफआईआर हुई और न ही किसी अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हुई। लेकिन जब मामला विपक्ष से जुड़ा हो तो विजिलेंस तत्काल सक्रिय हो जाती है। यह दोहरा मापदंड लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

