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एसआईआर को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने उठाए सवाल, तथ्यों के आधार पर आपत्ति दर्ज कराने की दी नसीहत

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सोलन, 28 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल ने कांग्रेस द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के विरोध पर कड़ा एतराज जताया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन करने के बजाय पहले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट करना चाहिए।

भाजपा सोलन शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने एक बयान में कहा कि बिहार में एसआईआर की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विरोध करने के बजाय कांग्रेस को अपनी आपत्तियां उपलब्ध संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से दर्ज करवानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता को पुतले नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए। चुनाव आयोग अथवा अन्य संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों पर यदि कांग्रेस को कोई आपत्ति है तो उसे तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।

शैलेन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को अपने शेष कार्यकाल में राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान, रोजगार और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा नेताओं के पुतले जलाने के कांग्रेस के कथित प्रदर्शन की निंदा की। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदर्शन कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय विरोध-प्रदर्शन की राजनीति कर रही है।

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के चुनावी वादे को लेकर भी भाजपा ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा। शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव के दौरान किए गए वादों और अब तक पात्र महिलाओं को दी गई आर्थिक सहायता का स्पष्ट ब्यौरा जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 48 महीनों की राशि 72 हजार रुपये बनती है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पात्र महिलाओं को वादे के अनुरूप कितनी राशि दी गई है तथा कितनी राशि अभी शेष है।

हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा