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पेट्रोल-डीजल महंगा होने से प्रभावित होगा हिमाचल का पर्यटन कारोबार : विक्रमादित्य सिंह

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पेट्रोल-डीजल महंगा होने से प्रभावित होगा हिमाचल का पर्यटन कारोबार : विक्रमादित्य सिंह


शिमला, 16 मई (हि.स.)। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और इससे महंगाई और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन सीजन के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और परिवहन कारोबार पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से किसान, बागवान, छोटे कारोबारी और आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। उनका कहना था कि चुनावों के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई। उन्होंने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पहले ही महंगा हो चुका है और अब ईंधन की कीमतें बढ़ने से कारोबारियों की लागत और बढ़ जाएगी।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस समय पर्यटन सीजन चरम पर है। ऐसे में ईंधन और गैस महंगी होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। डीजल के दाम बढ़ने से मालभाड़ा भी महंगा होगा, जिसका असर सीमेंट, सरिया, एल्युमिनियम और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ेगा। इसके साथ ही सब्जियों, दूध, खाद्य तेल और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने की भी आशंका है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि बिटुमिन की कीमतें बढ़ने से सड़क निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय को गंभीरता से लेने और राहत देने की मांग की।

नगर निगम चुनावों को लेकर भी विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि चारों नगर निगम चुनावों में कांग्रेस मजबूती के साथ मैदान में है और पार्टी के सभी नेताओं ने चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता लाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शहरी विकास से जुड़े 5400 करोड़ रुपये के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए थे, जिनमें से करीब 1200 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन बढ़ने के साथ कूड़ा निस्तारण एक बड़ी चुनौती बन रहा है। सरकार इस दिशा में बायोगैस प्लांट और सीवरेज सिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रही है ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ शहरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा