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पांच साल बाद भी 7,500 रुपये वेतन, पंचायत वेटरिनरी सहायकों को अनुबंध का इंतजार

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शिमला, 07 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत वेटरिनरी सहायकों को पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद भी अनुबंध और वेतन बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिल पाया है। वर्ष 2020 में नियुक्त 2016-18 बैच के इन कर्मचारियों को अभी भी 7,500 रुपये मासिक वेतन पर काम करना पड़ रहा है। अब पशुपालन विभाग ने इनकी वेतन बढ़ोतरी का मामला सरकार को भेज दिया है। इससे कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मंजूरी का इंतजार है।

इन कर्मचारियों का पांच साल का सेवाकाल सितंबर 2025 में पूरा हो गया था। इसके बावजूद इन्हें न तो अनुबंध पर लाया गया और न ही वेतन वृद्धि का लाभ मिला। वहीं, इनसे पहले नियुक्त पंचायत वेटरिनरी सहायकों को निर्धारित सेवाकाल पूरा होने के बाद वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिया जा चुका है। ऐसे में समान पद पर काम करने वाले कर्मचारियों के बीच सेवा लाभ और वेतन को लेकर अंतर बना हुआ है।

पंचायत वेटरिनरी सहायक ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के उपचार, देखभाल और पशुपालकों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाते हैं। पशुधन के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों में भी इनकी अहम भूमिका रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के इलाज के लिए उपलब्ध रहने वाले इन कर्मचारियों का कहना है कि पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद भी बेहद कम वेतन पर काम करना उनके लिए आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा है।

पशुपालन विभाग की ओर से मामला सरकार को भेजे जाने के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से जल्द मंजूरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि पांच साल का सेवाकाल पूरा होने के बाद उन्हें अनुबंध और वेतन वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए।

पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, वरिष्ठ पदाधिकारी रजनीश गौतम, महामंत्री हरीश ठाकुर और प्रेस सचिव निखिल चौहान ने भी सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पांच साल का सेवाकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को अब और इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। सरकार को प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें आर्थिक राहत देनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा