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हिमाचल पंचायत चुनाव : एमबीए, एमएससी और एडवोकेट उम्मीदवार आजमा रहे किस्मत

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हिमाचल पंचायत चुनाव : एमबीए, एमएससी और एडवोकेट उम्मीदवार आजमा रहे किस्मत


शिमला, 13 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनावों में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी गांव की राजनीति पारंपरिक परिवारों और प्रभावशाली लोगों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब पढ़े-लिखे युवा बड़ी संख्या में चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। एमबीए, एमएससी, एलएलबी, बीएड और दूसरी प्रोफेशनल डिग्री हासिल कर चुके उम्मीदवार पंचायतों की कमान संभालने के लिए लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। कई पंचायतों में सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी भी चुनाव लड़ रहे हैं। इससे इस बार पंचायत चुनावों का माहौल पहले के मुकाबले ज्यादा दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी बन गया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अब गांवों में मतदाता उम्मीदवारों की शिक्षा, सोच और कार्यशैली को भी महत्व देने लगे हैं।

एमएससी, एमबीए और एडवोकेट उम्मीदवार बने चर्चा का केंद्र

मंडी जिले के धर्मपुर विकास खंड की सिद्धपुर पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार अजय कुमार एमएससी बायोटेक्नोलॉजी और बीएड प्रथम श्रेणी से पास हैं। उनका कहना है कि वे पंचायत को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं। चोलथरा पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार संतोष राणा बीएससी और एमएससी डिग्री धारक हैं। वे पंचायतों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता देने की बात कर रहे हैं।

सधोट पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार विशाल ठाकुर पेशे से एडवोकेट हैं। उनका कहना है कि पंचायतों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है। वहीं समौड़ पंचायत से चुनाव लड़ रहे प्रताप सकलानी भी पेशे से वकील हैं। उनका मानना है कि कानूनी जानकारी रखने वाले प्रतिनिधि गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों की बेहतर जानकारी दे सकते हैं।

पंचायतों में विकास और पारदर्शिता को बना रहे मुद्दा

मेन भरोला, टिकरू और रोपड़ी पंचायत क्षेत्र से बीडीसी सदस्य पद के उम्मीदवार गगन ठाकुर एमबीए डिग्री धारक हैं। वे युवाओं को नशे से दूर रखने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर स्वरोजगार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

रोपड़ी पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार विनय राणा ने एमबीए फाइनेंस एंड मार्केटिंग की पढ़ाई की है। उनका कहना है कि पंचायतों में वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। वे पंचायत फंड के सही इस्तेमाल, डिजिटल सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे को अपना मुख्य एजेंडा बता रहे हैं। कई युवा उम्मीदवार गांवों में खेल सुविधाएं बढ़ाने, शिक्षा सुधारने और रोजगार के अवसर पैदा करने को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।

शिमला के जिला परिषद वार्डों में भी हाई प्रोफाइल मुकाबला

राजधानी शिमला से सटे चमियाना, बल्देयां, हलोग-धामी और बढ़ई वार्डों में भी इस बार उच्च शिक्षित उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन वार्डों से चुनाव लड़ रहे कई प्रत्याशी एमए, एलएलबी और यौगिक साइंस में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं। एक उम्मीदवार ने हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया है। इन चार वार्डों में कुल 21 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। शिमला जिला के चमियाना वार्ड से जिला परिषद सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे 29 वर्षीय खुशविक्रम सेन राजघराने से ताल्लुक रखते हैं और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

नामांकन के साथ जमा किए गए शपथ पत्रों के अनुसार कई उम्मीदवार करोड़ों रुपये तक की संपत्ति के मालिक हैं। इनमें कृषि भूमि, मकान, व्यावसायिक भवन, बैंक बैलेंस और निवेश शामिल हैं। कुछ प्रत्याशियों के पास महंगी गाड़ियां और लाखों रुपये के आभूषण भी हैं, जबकि कुछ पर ऋण भी दर्ज है।

50 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान, 52 हजार युवा पहली बार डालेंगे वोट

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होंगे। प्रदेश में कुल 31,182 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उपप्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान के तुरंत बाद होगी, जबकि जिला परिषद और बीडीसी चुनाव की मतगणना 31 मई को की जाएगी।

इन चुनावों में 50 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। करीब 52 हजार युवा पहली बार वोट डालेंगे, जिनमें लगभग 23 हजार महिलाएं शामिल हैं। पूरे प्रदेश में 21 हजार 678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। लाहौल-स्पीति के काजा क्षेत्र के लांगजा स्थित कामो पाठशाला में 4,587 मीटर की ऊंचाई पर प्रदेश का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र बनाया गया है। वहीं सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र की एक पंचायत में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि किन्नौर के पूह क्षेत्र के सुमरा गांव में सबसे कम 178 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा