नाहन में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नव निर्वाचित प्रधानों व उप प्रधानों को दिलाई शपथ
नाहन, 15 जून (हि.स.)। उद्योग, संसदीय कार्य एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सोवमार को जिला सिरमौर के नाहन चौगान में नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान व उप-प्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिला के समस्त 273 प्रधान तथा 273 उप-प्रधानों को विधिवत रूप से पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाकर पंचायती राज संस्थाओं में उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर उन्होंने नव निर्वाचित प्रधानों तथा उप-प्रधानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं प्राथमिक प्रजातंत्र की मूल इकाइयां है। ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वागीण विकास के लिए इन संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। जनता अपने प्रतिनिधि को बहुत विश्वास और अकांक्षाओं से चुनती है इसलिए सभी चुने हुए प्रतिनिधि बिना पक्षपात के पूर्ण इमानदारी, कर्मठता व पारदर्शिता से कार्य करने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण विकास की अधिकतर योजनाएं पंचायतों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है और इन योजनाओं के तहत करोड़ों रूपये की धनराशि पंचायतों को प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उचित प्रबन्धन तथा कार्यान्वयन सुनिश्चित करना पंचायत प्रतिनिधियों की अहम जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्तायोग के तहत सिरमौर जिला में पंचायती राज संस्थाओं के लिए वित वर्ष 2026-27 सहित आगामी पांच वर्ष में कुल 226.22 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त होगी, जिसमें से इस वित्तीय वर्ष में 36.32 करोड़ रूपये जारी किये जाएगें।
उन्होंने कहा कि आज पंचायतों में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पंचायत की प्रत्येक सेवा ऑनलाइन माध्यम से आम जनता को प्रदान की जा रही है। पंचायत के रिकॉर्ड तथा लेखों का संधारण विभिन्न एपों के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग करने और पंचायत कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आवाहन किया।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार सहन नहीं करेगी। सरकार अच्छे कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित करेगी और जो भ्रष्टाचार में संलिप्त होगें उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
उद्योग मंत्री ने सभी पंचायत प्रधानों व उप-प्रधानों से आवाहन करते हुए कहा कि आप अपनी प्राथमिकता में पेयजल, स्वच्छता, नशा निवारण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, पंचायत की आय वृद्धि इत्यादि विषयों को शामिल करें तथा इन्हें पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार, पंचायत समिति तथा जिला परिषद से समन्वय स्थापित करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

