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सड़क निर्माण की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा से किया जा रहा समझौता: प्रो. अनुपमा सिंह

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सड़क निर्माण की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा से किया जा रहा समझौता: प्रो. अनुपमा सिंह


मंडी, 09 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्व प्रो. वीसी एवं समाज सेवी अनुपमा सिंह ने जालंधर-कोटली-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग के निमार्ण में गुणवत्ता और लोगों की सरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया है। मंडी में पत्रकारों से बात करते हुए अनुपमा सिंह ने कहा कि हाल ही में इस सड़क पर लगे लगभग 52.50 से 30 फीट ऊंचाई वाली रिटेनिंग वॉल के गिरने की घटना सामने आई है। उसने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

उन्हाेंने कहा कि यह केवल एक दीवार गिरने की घटना नहीं है। यह सवाल है कि क्या निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहे हैं। क्या निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र और नियमित जांच हो रही है और यदि जांच हो रही है तो उसकी रिपोर्ट जनता के सामने क्यों नहीं रखी जाती। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों, पहाड़ों की अनियोजित कटिंग, मलबे के अनुचित निस्तारण, जलस्रोतों को हो रहे नुक्सान तथा स्थानीय लोगों के घरों और जमीनों पर बढ़ते खतरे के विषय को लेकर लगातार मांग उठाती रही हूं।

उन्होंने मांग की है कि सड़क निर्माण सुरक्षा संरचनाओं की गुणवता की अगर जांच की गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पहाड़ों की कटिंग के दौरान वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव देखा गया है। इसके अलावा निर्माण कार्यों से प्रभावित हो रहे घरों, खेतों, जमीनों और प्राकृतिक जलस्रोतों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई भी नहीं ले रहा है। यदि किसी परिवार की जमीन, घर या संपत्ति को नुक्सान होता है अथवा जलस्रोत प्रदूषित होते हैं, तो उसकी भरपाई कौन करेगा।

उन्होंने कहा कि विकास का हम विरोध नहीं कर रहे हैं। हम ऐसे विकास की माँग कर रहे हैं जो सुरक्षित, वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह हो। सड़कें बनें, लेकिन लोगों की जान की कीमत पर नहीं। विकास हो, लेकिन जनता के पैसे और प्राकृतिक संसाधनों की कीमत पर नहीं। निर्माण हो, लेकिन गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ तय की जानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा