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नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम से कृषि के प्रति जागरूक होगी युवा पीढ़ी

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नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम से कृषि के प्रति जागरूक होगी युवा पीढ़ी


मंडी, 04 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के तहत युवा पीढ़ी को कृषि और ग्रामीण विकास से जोड़ने की दिशा में 'नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम' की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में खंड परियोजना प्रबंधक ईकाई मंडी द्वारा प्रौद्योगिकी और उद्यमिता विकास केंद्र लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सहयोग से मंडी के पांच सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपलों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घासनू, गागल, राजगढ़, लोहारा और गलमा के प्रिंसिपलों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विद्यालय से 30 विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया को लेकर आपसी समन्वय स्थापित करना था।

इस दौरान कार्यक्रम के उद्देश्यों, विद्यार्थियों के चयन के मानदंड, उनकी सक्रिय भागीदारी और आगामी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यालय प्रमुखों से अनुरोध किया गया कि वे विद्यार्थियों की रुचि और योग्यता को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध चयन सुनिश्चित करें तथा कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। बैठक में खंड परियोजना प्रबंधक मंडी डॉ. राजेश कुमार, हंस राज कृषि विकास अधिकारी तथा ,प्रौद्योगिकी और उद्यमिता विकास केंद्र लखनऊ, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि गुरदेव सहित संबंधित विद्यालयों के प्रिंसिपल उपस्थित रहे।

खंड परियोजना प्रबंधक मंडी, डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि 'नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम' का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में उभरते अवसरों से परिचित कराना है। इस पहल के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नई जानकारियां और सीखने के अवसर प्रदान कर कृषि के प्रति उनकी रुचि विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा