गांव में शहर जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार प्रयासरत : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 10 अगस्त (हि.स.)। शिमला जिले के नेरवा में अब आग और दूसरी आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर मदद मिल सकेगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से नेरवा में नवस्थापित अग्निशमन चौकी का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर के पास शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नेरवा की नई अग्निशमन चौकी से क्षेत्र के करीब 55 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। यहां जल्द ही दो अग्निशमन वाहन उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चौकी केवल आग लगने की घटनाओं तक सीमित नहीं रहेगी। भारी बारिश, भूस्खलन और दूसरी आपात स्थितियों में भी यहां से राहत और बचाव का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेरवा क्षेत्र में पारंपरिक लकड़ी के मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सेब के बगीचे बड़ी संख्या में हैं। आग लगने की स्थिति में समय पर अग्निशमन दल पहुंचने से इन संपत्तियों को बचाने में मदद मिलेगी। पहले नेरवा में आग या दूसरी आपदा होने पर चौपाल, देहा, ठियोग और शिमला से अग्निशमन वाहन भेजे जाते थे। इन स्थानों से घटनास्थल तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे। अब स्थानीय स्तर पर अग्निशमन चौकी होने से आपात स्थिति में कार्रवाई पहले के मुकाबले तेजी से हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नेरवा अग्निशमन चौकी के संचालन के लिए 17 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही दो नए अग्निशमन वाहन भी स्वीकृत किए गए हैं। अग्निशमन विभाग ने एक वाटर टेंडर टाइप-बी भी नेरवा को दिया है। इस वाहन की खरीद पर 59 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई चौकी से क्षेत्र की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ गांवों में लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेरवा क्षेत्र में दूध संयंत्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए वन संरक्षण अधिनियम की अनुमति लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए चौपाल में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। नेरवा और कुपवी के मिनी सचिवालयों के लिए भी दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

