राष्ट्रीय एससी-एसटी हब द्वारा मंडी में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम
मंडी, 07 अगस्त (हि.स.)। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय एससी-एसटी हब पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से शुक्रवार को सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के वर्तमान एवं भावी उद्यमियों को राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। साथ ही केंद्र सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के तहत केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों एवं केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से अनिवार्य खरीद के प्रावधानों की जानकारी भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उद्यम पंजीकरण के महत्व, विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, विभिन्न सीपीएसई द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं, ई-टेंडरिंग प्रक्रिया, ऋण सुविधा, बैंकों द्वारा उपलब्ध सब्सिडी तथा व्यवसाय विस्तार से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मंडी एवं आसपास के क्षेत्रों से 100 से अधिक वर्तमान एवं भावी एससी-एसटी उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, सोलन, भारतीय रिजर्व बैंक शिमला, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, नंगल, एसजेवीएन, भारतीय खाद्य निगम,बीबीएमबी, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस , पंजाब नेशनल बैंक, जिला उद्योग केंद्र, मंडी, एनएसआईसी तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र, हिमाचल प्रदेश एससी-एसटी विकास निगम तथा आरसेटी सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लेकर अपने अनुभव एवं जानकारी साझा की।
राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, लुधियाना के शाखा प्रभारी सूर्य भूषण ने भारत सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा कुल खरीद का 4 प्रतिशत एससी/एसटी स्वामित्व वाले एमएसई तथा 3 प्रतिशत महिला स्वामित्व वाले एमएसई से किया जाना अनिवार्य है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

