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देवऋषि नारद पहले संचारक, पत्रकारिता में संतुलन और जिम्मेदारी जरूरी: प्रताप समयाल

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देवऋषि नारद पहले संचारक, पत्रकारिता में संतुलन और जिम्मेदारी जरूरी: प्रताप समयाल


देवऋषि नारद पहले संचारक, पत्रकारिता में संतुलन और जिम्मेदारी जरूरी: प्रताप समयाल


शिमला, 05 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल ने कहा है कि नारद मुनि पौराणिक पात्र नहीं थे, वे तीनों लोकों में संवाद स्थापित करने वाले पहले संचारक थे। उन्होंने उन्हें ग्लोबल कम्युनिकेटर बताते हुए कहा कि उनकी संवाद शैली समावेशी, संतुलित और लोकहित पर आधारित थी।

यह बातें उन्होंने विश्व संवाद केंद्र शिमला द्वारा मंगलवार को आयोजित देवर्षि नारद जयंती कार्यक्रम में कहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजीव शर्मा, अध्यक्ष राज कुमार वर्मा और मुख्य वक्ता प्रताप समयाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा देवर्षि नारद और मां सरस्वती के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। कार्यक्रम में पत्रकारों, संपादकों, मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने भाग लिया।

प्रताप समयाल ने कहा कि आज के तकनीकी युग में संपर्क तो बढ़ा है, लेकिन मानवीय जुड़ाव कम हुआ है, ऐसे में पत्रकारों को नारद से प्रेरणा लेकर समाज को जोड़ने वाली पत्रकारिता करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 30 मई 1826 को उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन नारद जयंती के दिन हुआ था और तभी से यह दिन पत्रकारिता से भी जुड़ गया। उन्होंने पत्रकारिता में सकारात्मकता, सच्चाई और सामाजिक जिम्मेदारी को जरूरी बताते हुए पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों, स्व-बोध और कर्तव्य पालन जैसे पांच संकल्पों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का काम केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना भी है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव शर्मा ने कहा कि प्रसार भारती और पीआईबी जैसी संस्थाएं सूचना तंत्र में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि खबरों को सबसे पहले दिखाने की होड़ में कई बार जल्दबाजी होती है, जिससे विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि सूचनाएं तथ्य आधारित और संतुलित हों। उन्होंने कहा कि समाचारों को सबसे पहले प्रस्तुत करने, सनसनी फैलाने और टीआरपी बटोरने की होड़ में कई बार उन्हें जल्दबाजी में प्रसारित कर दिया जाता है, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर भी संदेह होने लगता है। ऐसी स्थिति में नारद जी हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज कुमार वर्मा ने कहा कि हर समस्या के समाधान के लिए सरकार पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। समाज के लोगों को खुद आगे आकर समस्याओं को सुलझाने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने पत्रकारिता से भी अपील की कि वह सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा दे और समाज में रचनात्मक सोच विकसित करे।

इस अवसर पर आकाशवाणी शिमला के क्षेत्रीय समाचार प्रमुख रितेश कपूर, दूरदर्शन शिमला की क्षेत्रीय समाचार प्रमुख नंदिनी मित्तल, प्रकाश पंत, प्रो. नरेन्द्र शारदा, प्रो. अजय श्रीवास्तव, डॉ. शशिकांत, वरिष्ठ पत्रकार राकेश लोहमी, अनिल हैडली और सुनील शुक्ला सहित प्रदेश के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े कई पत्रकार और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा