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नलसर मेले में निकली भव्य जलेब, देव परंपराओं की रही धूम

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नलसर मेले में निकली भव्य जलेब, देव परंपराओं की रही धूम


मंडी, 15 अप्रैल (हि.स.)। मंडी जिला के बल्हघाटी के नलसर में पारंपरिक मेले के दौरान सीमेंट स्टोर के निकट यजमान के घर से भव्य जलेब निकाली गई। इस अवसर पर देव श्री कांढलु बाला कामेश्वर सहित चतुर्भुजा माता नलेड , माहूंनाग देव नलसर औऱ माहूंनाग खियुरी ने भाग लेकर आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

झील किनारे स्थित मेला स्थल पर देवताओं के बैठने के निर्धारित स्थान पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और चादरें भेंट की गईं। समापन समारोह में स्थानीय समाजसेवी युद्ध वीर सिंह बैंस ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। आयोजन समिति ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों और महिला मंडलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे मेले का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।

पारंपरिक मेला आयोजन समिति व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरीश कुमार ने बताया कि इस वर्ष मेले को दो दिवसीय स्वरूप देने की पहल की गई, जिसे स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि भविष्य में जनसहयोग से मेले को और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।

नलसर का ऐतिहासिक महत्व बल्ह घाटी के नलसर गांव का प्राचीन इतिहास रहा है। मान्यता है कि यहां पहले नौ सरोवर हुआ करते थे, जिनमें से वर्तमान में कुछ ही शेष हैं। पंचायत मुख्यालय के साथ स्थित झील के किनारे यह मेला हर वर्ष आयोजित होता है।

लोक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का संबंध महाभारत काल से भी जुड़ा है। किवंदंती है कि पांडव पहले बड़ा देव कमरूनाग की स्थापना यहीं करना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश यह संभव नहीं हो पाया। बाद में कमरूघाटी में बड़ा देव कमरूनाग की विधिवत स्थापना की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा