नाहन में दो समुदायों के बीच उपजे विवाद से नगर के भाई चारे को लगा आघात विधायक : अजय सोलंकी
नाहन, 24 अक्टूबर (हि.स.)। नाहन शहर में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद विधायक अजय सोलंकी ने शहर की सामाजिक एकता और धार्मिक सौहार्द को बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नाहन की पहचान किसी एक समुदाय से नहीं, बल्कि यहां रहने वाले सभी धर्मों और समाजों के लोगों के आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे से है। शहर में हुई पत्थरबाजी में 14 लोगों के घायल होने, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, और वाल्मीकि समुदाय के धार्मिक स्मारक को नुकसान पहुंचने की घटना चिंताजनक है।
अजय सोलंकी ने कहा कि नाहन में विभिन्न समुदायों के लोग लंबे समय से मिल-जुलकर रहते आए हैं। गोबिंदगढ़ और वाल्मीकि नगर जैसे आसपास के मोहल्लों में रहने वाले लोगों के बीच सामाजिक संबंध और आपसी मेलजोल शहर की साझा संस्कृति का हिस्सा हैं। यहां लोग एक-दूसरे के त्योहारों और परंपराओं में भागीदारी निभाते रहे हैं। ऐसे में किसी विवाद का हिंसक रूप लेना पूरे शहर के लिए दुखद है।
विधायक ने कहा कि हर समुदाय की धार्मिक आस्था, सम्मान और सुरक्षा महत्वपूर्ण है। यदि किसी धार्मिक स्थल या स्मारक को नुकसान पहुंचा है, तो मामले को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी पक्ष की भावनाओं की अनदेखी किए बिना कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जाना चाहिए। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भड़काऊ संदेशों से दूर रहें तथा किसी भी ऐसी बात को आगे न बढ़ाएं, जिससे समुदायों के बीच अविश्वास पैदा हो।
अजय सोलंकी ने कहा कि वह नाहन के प्रत्येक नागरिक के साथ खड़े हैं और उनकी प्राथमिकता शहर में शांति बहाल करना तथा दोनों समुदायों के बीच विश्वास कायम रखना है। किसी एक पक्ष को दूसरे के मुकाबले खड़ा करने के बजाय सभी को साथ लेकर चलना समय की जरूरत है। प्रशासन को भी निष्पक्षता के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के लिए काम करना चाहिए।
विधायक ने कहा कि नाहन ने हमेशा आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। बीते कल की घटना को शहर की स्थायी पहचान नहीं बनने देना चाहिए। सभी समुदायों के लोग संयम और समझदारी से काम लें, ताकि नाहन में फिर से शांति, विश्वास और आपसी सद्भाव का वातावरण मजबूत हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

