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नाहन में गिरा जर्जर डंगा, घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया

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नाहन में गिरा जर्जर डंगा, घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया


नाहन, 10 जुलाई (हि.स.)।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने जिला मुख्यालय नाहन में भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार सुबह बड़ा चौक स्थित जोशियों वाली गली में एक जर्जर डंगा अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गली में आ गिरीं। भूस्खलन के कारण गली पूरी तरह बंद हो गई और आठ परिवारों के करीब 40 लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए।

यह हादसा ऐतिहासिक महल के ठीक पिछली तरफ स्थित गली में हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह ऐतिहासिक महल पिछले काफी समय से बेहद जर्जर स्थिति में था। लेकिन राहत की बात यह रही कि पिछले कुछ महीनों से महल में लगातार सुधार और मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे उसे काफी हद तक संभाल लिया गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर महल अभी भी अपनी पुरानी जर्जर स्थिति में होता, तो इस भारी भूस्खलन और डंगे के मलबे के दबाव को झेल नहीं पाता। वैसी स्थिति में महल का वह हिस्सा भी ढह सकता था, जिससे यहाँ सोच से परे भारी तबाही हो सकती थी और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था। महल में चल रहे इसी सुधार कार्य ने आज एक बड़े विनाश को टाल दिया।

घटना की सूचना मिलते ही सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा, एसडीएम राजीव साख्यान और स्थानीय विधायक अजय सोलंकी तुरंत राहत एवं बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा टीमों के साझे प्रयासों से घरों में फंसे सभी 40 लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर सुरक्षा टीमें तैनात हैं और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है

विधायक अजय सोलंकी और डीसी प्रियंका वर्मा ने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सबसे पहले फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और उनके ठहरने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही गली से मलबा हटाने, बिजली-पानी की लाइनों को तुरंत बहाल करने और खतरे की जद में आए अन्य मकानों को सुरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर