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हिमाचल के सभी एनएसएस स्वयंसेवकों का होगा माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण

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शिमला, 22 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुड़े सभी स्वयंसेवकों का अब माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों, जहां एनएसएस इकाइयां संचालित हैं, वहां पढ़ने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक का पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

शिक्षा विभाग ने जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रधानाचार्यों से कहा है कि इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। विभाग का मानना है कि इससे प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों और विभिन्न अवसरों से जुड़ने का मौका मिलेगा।

माई भारत पोर्टल से जुड़ने के बाद एनएसएस स्वयंसेवकों को नेतृत्व विकास, कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, स्वयंसेवा अभियान, युवा संसद, विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अन्य राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे हिमाचल के युवाओं को अपनी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का मंच मिलेगा।

शिक्षा निदेशालय के निर्देश मिलने के बाद जिलों में भी इस प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है। कांगड़ा के उपनिदेशक, उच्च शिक्षा ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर कहा है कि एनएसएस से जुड़े प्रत्येक स्वयंसेवक का पंजीकरण जल्द पूरा किया जाए और इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

राज्य निदेशक, मेरा युवा भारत की ओर से शिक्षा निदेशालय को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस पोर्टल से जोड़ा जाए। इससे वे केंद्र सरकार की युवा विकास योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और भविष्य में मिलने वाले अवसरों से वंचित नहीं रहेंगे।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तहत संचालित माई भारत पोर्टल युवाओं के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल मंच है। इस पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, फेलोशिप, कौशल विकास कार्यक्रमों, स्वयंसेवी अभियानों और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी। उन्हें देशभर में आयोजित विभिन्न युवा कार्यक्रमों में भाग लेने और प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलेगा।

अब तक एनएसएस की अधिकांश गतिविधियां स्कूल और कॉलेज स्तर तक सीमित रहती थीं। शिक्षा विभाग का मानना है कि माई भारत पोर्टल से जुड़ने के बाद स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने, दूसरे राज्यों के युवाओं के साथ काम करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और प्रमाणित स्वयंसेवी अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे उनके व्यक्तित्व विकास के साथ भविष्य में उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के दौरान भी लाभ मिलने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा