केंद्र ने पोंग झील वेटलैंड और रेणुका वेटलैंड संरक्षण के लिए दिए 5.73 करोड़ : अनुराग सिंह ठाकुर
धर्मशाला, 09 मार्च (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा लोकसभा में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से हिमाचल प्रदेश में वेटलैंड्स के संरक्षण, फंडिंग और वैज्ञानिक निगरानी के बारे में उठाए गए प्रश्न पर मंत्रालय के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि हिमाचल के पोंग बांध झील और रेणुका वेटलैंड के संरक्षण के लिये 5.73 करोड़ दिए गए हैं।
अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश में तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रामसर साइट्स पोंग झील, रेणुका वेटलैंड और चंद्रताल वेटलैंड हैं। इनमें सबसे बड़ी पोंग बांध झील है, जिसे वर्ष 2002 में रामसर साइट घोषित किया गया था। रेणुका वेटलैंड और चंद्रताल वेटलैंड दोनों को वर्ष 2005 में रामसर दर्जा मिला था। ये वेटलैंड्स हिमालयी जैव-विविधता कॉरिडोर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं का घर हैं। फंडिंग और संरक्षण उपायों के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण योजना के तहत हिमाचल प्रदेश सरकार को पर्याप्त वित्तीय सहायता जारी की गई है। पोंग झील के लिए केंद्र का हिस्सा 3.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है, जबकि रेणुका वेटलैंड के लिए 2.59 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन धनराशियों का उपयोग विभिन्न संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जिनमें अपशिष्ट जल का अवरोधन, तटबंध संरक्षण, झील-तट विकास, डिसिल्टिंग एवं डी-वीडिंग के माध्यम से स्थानीय सफाई, वर्षा जल प्रबंधन, बायोरेमेडिएशन, जलग्रहण क्षेत्र उपचार, बायो-फेंसिंग, मत्स्य पालन विकास, खरपतवार नियंत्रण, जैव-विविधता संरक्षण तथा सामुदायिक भागीदरी कार्यक्रम शामिल हैं।
लोकसभा में अनुराग सिंह ठाकुर के हस्तक्षेप से हिमाचल प्रदेश के वेटलैंड्स की पारिस्थितिक संपदा पर नया ध्यान आकर्षित किया है तथा भावी पीढ़ियों के लिए इनके संरक्षण में निरंतर एवं बढ़ी हुई निवेश की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

