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शिक्षा विभाग का काम ही भाजपा के आरोपों का सबसे बड़ा जवाब : मंत्री रोहित ठाकुर

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शिक्षा विभाग का काम ही भाजपा के आरोपों का सबसे बड़ा जवाब : मंत्री रोहित ठाकुर


शिमला, 14 जुलाई (हि.स.)। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा उनसे इस्तीफा मांगे जाने पर पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा बिना किसी ठोस आधार के विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के पिछले साढ़े तीन वर्षों के काम और उपलब्धियां ही सभी आरोपों का सबसे बड़ा जवाब हैं। उनके अनुसार प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधार राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहे हैं।

रोहित ठाकुर ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय सर्वेक्षणों और परफॉर्मेंस इंडेक्स में हिमाचल प्रदेश की स्थिति लगातार बेहतर हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य आज शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उनके अनुसार एएसईआर रिपोर्ट, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स और साक्षरता सहित कई मानकों पर हिमाचल ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल की तुलना केरल जैसे अग्रणी राज्यों से की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं को लेकर भाजपा सवाल उठा रही है, उनका शिलान्यास और उद्घाटन पूरी सरकारी प्रक्रिया का पालन करते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि शिक्षा विभाग का काम ही सबसे बड़ा जवाब है।

प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भाजपा की ओर से श्वेत पत्र जारी करने की मांग पर भी शिक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा श्वेत पत्र की बात करती है तो उसे केंद्र की एनडीए सरकार के फैसलों पर भी श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने जीएसटी मुआवजा बंद किया, एक्सटर्नल एडेड प्रोजेक्ट्स पर सीमा तय की और राज्यों की कर्ज लेने की सीमा में भी कटौती की।

रोहित ठाकुर ने दावा किया कि इन फैसलों से हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बीच विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने भाजपा पर वास्तविक आर्थिक परिस्थितियों से ध्यान हटाकर राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर शिक्षा मंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को राम विरोधी बताने की कोशिश करना गलत है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े न्यायिक फैसले और पूरी प्रक्रिया देश के संवैधानिक ढांचे के तहत पूरी हुई है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा