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स्वर्ण आंदोलन के समर्थन में मंत्री अनिरुद्ध सिंह, प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर न करने का दिया आश्वासन

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शिमला, 22 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला में स्वर्ण आयोग की मांग को लेकर सचिवालय के बाहर हुए प्रदर्शन के बीच पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि चक्का जाम करने के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होंने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करवाने की बात कही।

मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी मांगें रखने और अधिकारों के लिए आवाज उठाने का हक है। अगर दूसरे वर्गों के लिए आयोग बनाए जा सकते हैं, तो स्वर्ण आयोग बनाने में भी कोई हर्ज नहीं है।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी और करणी सेना के प्रदर्शन के दौरान सचिवालय के बाहर तनाव की स्थिति बन गई थी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर नारेबाजी की और पोस्टर फाड़े। सुरक्षा के मद्देनजर सचिवालय के गेट बंद कर दिए गए। प्रदर्शन के कारण छोटा शिमला होकर संजौली जाने वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद रही और दिनभर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। प्रदर्शन के समय मुख्यमंत्री सचिवालय में मौजूद नहीं थे। वह चंबा के दौरे पर गए हुए थे।

लोगों की मांग सुनी जानी चाहिए

मीडिया से बातचीत में अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि किसी को भी अपने अधिकारों की मांग करने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने स्थिति को संभाला। लोगों की मांगों को सुने जाने की जरूरत पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि जैसे मां बच्चे के रोने पर उसे दूध पिलाती है, उसी तरह लोगों की मांगों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों और अन्य मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी। उन्होंने चक्का जाम को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आश्वासन भी दिया।

यूजीसी के नियम वापस लेने और स्वर्ण आयोग बनाने की मांग

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नियम वापस लेने और सामान्य वर्ग के लिए स्वर्ण आयोग गठित करने की मांग उठाई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने आरक्षण जाति के बजाय आर्थिक आधार पर देने की मांग भी की।

रूमित ठाकुर ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए मंत्री अनिरुद्ध सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण आयोग का गठन अभी नहीं हुआ है और इसके लिए विधानसभा से कानून पारित करवाना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक में आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दे उठाए जाएंगे और सरकार आयोग के गठन की दिशा में उचित कदम उठाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा