हिमाचल में मिड डे मील वर्कर्स का ऐलान, 30 अक्टूबर को सभी जिलों में करेंगी प्रदर्शन
शिमला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मिड डे मील वर्कर्स ने 30 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। मिड डे मील वर्कर यूनियन शिक्षा विभाग की ओर से 10 महीने के वेतन को 12 महीनों में बांटकर देने संबंधी अधिसूचना का विरोध कर रही है। यूनियन ने अधिसूचना वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर प्रदेशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे।
रविवार को शिमला में मिड डे मील वर्कर यूनियन हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता यूनियन के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड संदीप ने की। बैठक में सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और यूनियन प्रभारी जगत राम भी मौजूद रहे। बैठक में वर्कर्स की समस्याओं, लंबित मांगों और मौजूदा परिस्थितियों पर चर्चा की गई।
यूनियन नेताओं विजेंद्र मेहरा और जगत राम ने कहा कि मिड डे मील वर्कर्स सरकारी स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। नेताओं के अनुसार 10 महीने के कुल वेतन को 12 महीनों में बांटने से हर महीने मिलने वाली राशि कम हो जाएगी। इससे महंगाई के दौर में पहले से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रही वर्कर्स की परेशानी बढ़ सकती है। यूनियन ने मांग की है कि अधिसूचना वापस लेकर संबंधित 10 महीनों का पूरा निर्धारित वेतन दिया जाए।
यूनियन ने 1 और 2 दिसंबर 2026 को दिल्ली में होने वाले मजदूरों के महापड़ाव में हिमाचल से हजारों मिड डे मील वर्कर्स के शामिल होने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिलों और ब्लॉकों में वर्कर्स को लामबंद किया जाएगा।
यूनियन ने मानदेय में बढ़ोतरी, बेहतर कार्य परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा की मांग भी उठाई है। संगठन ने केंद्र और प्रदेश सरकार से लंबित मांगों का समाधान करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

