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भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में गूंजा अग्निवीर भर्ती बंद करने का मुद्दा

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शिमला, 25 अगस्त (हि.स.)। भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पूर्व सैनिकों ने अग्निवीर भर्ती को बंद करने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया और मुख्यमंत्री से मामले को केन्द्र सरकार के साथ उठाने की मांग की। कुल्लू के पूर्व सैनिक शिवदयाल सिंह ने कहा कि इस अग्निवीर योजना से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं है क्योंकि चार साल के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। नौकरी के बाद न तो उन्हें पेंशन की सुविधा है और न ही अन्य सुविधाएं मिलती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना के मामले पर वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे और राज्य के पूर्व सैनिकों की भावनाओं को केन्द्र सरकार के पास पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना से सबसे ज्यादा नुकसान हिमाचल प्रदेश को हुआ है और कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना तथा हमीरपुर जिलों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह सेना में नियमित भर्ती के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती कोटे को भी कम किया गया है और इससे भी हिमाचल प्रदेश के युवाओं को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि चार परमवीर चक्र जीतने वाले हिमाचल प्रदेश तथा देश के वीर जवानों के साथ अग्निवीर योजना अन्याय है।

सुक्खू ने कहा कि युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस में 1300 पदों पर पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की है और आने वाले समय में 1000 पद और भरे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य आधार ग्रामीण अर्थव्यवस्था है, क्योंकि हिमाचल की 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी गांव में रहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला