सफाई कर्मचारियों से हड़ताल को लेकर हलफनामा लेने पर आयोग सख्त, नगर निगम से मांगा जवाब
शिमला, 27 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग की सोमवार को शिमला में आयोजित समीक्षा बैठक में सफाई कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस दौरान आयोग ने नगर निगम शिमला से उस मामले में विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की संभावित हड़ताल को लेकर सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर से हड़ताल पर न जाने संबंधी हलफनामा (एफेडेविट) लिए जाने की बात सामने आई है। आयोग ने नगर निगम, प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच इस विषय पर हुई बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट भी तलब की है। आयोग ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जो समस्याएं आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। जिन मामलों में सरकार के स्तर पर निर्णय की जरूरत होगी, उन्हें सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग अब तक प्रदेश के नौ जिलों में अनुसूचित जाति और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठकें कर चुका है।
उन्होंने महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत पात्र लोगों को मकान निर्माण के लिए तीन लाख रुपये की सहायता मिलती है। उन्होंने पात्र लोगों से सभी औपचारिकताएं पूरी कर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की अपील की।
बैठक में शिमला की सफाई व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कई जगह सफाई कर्मचारियों को सिर पर कूड़ा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में ऑटोमेशन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और हाथों से कूड़ा उठाने का काम कम से कम हो। उन्होंने नगर निगम को सफाई व्यवस्था का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि निरीक्षण नियमित होने से ही काम की गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों का शोषण नहीं होना चाहिए और उन्हें सभी निर्धारित सुविधाएं मिलनी चाहिए।
आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा ने कहा कि आयोग सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है। सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा ने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र और बोनाफाइड प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कतें आ रही हैं। इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को दी जा रही यूनिफॉर्म, गम बूट और रेनकोट की गुणवत्ता की जांच की भी बात कही।
नगर निगम शिमला के आयुक्त सचिन कंवल ने बैठक में बताया कि महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना के तहत अभी तक नगर निगम को कोई आवेदन नहीं मिला है। इसे देखते हुए जागरूकता शिविर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में सफाई कर्मचारियों को 3,457 ग्लव्स, 3,428 मास्क, 1,118 रेनकोट और 62 गम बूट उपलब्ध कराए गए हैं। नगर निगम में 483 स्वीकृत पद हैं, जिनमें 150 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा सैहब सोसायटी के तहत 931 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में करुणामूलक आधार पर सात कर्मचारियों को नौकरी दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

