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मंडी में चला जय राम का जादू, कौल सिंह ठाकुर के शहर में मुख्यमंत्री का प्रचार और विक्रमादित्य की मेहनत गई बेकार

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मंडी में चला जय राम का जादू, कौल सिंह ठाकुर के शहर में मुख्यमंत्री का प्रचार और विक्रमादित्य की मेहनत गई बेकार


मंडी, 31 मई (हि.स.)। मंडी नगर निगम की दूसरी पारी के लिए 17 मई को पड़े वोटों की रविवार को हुई गिनती ने कांग्रेस का हाल तो 2021 से भी बुरा हुआ। 2021 में कांग्रेस में 15 में से 4 सीटें मिली थी मगर इस बार 1 से ही गुजारा करना पड़ा। भाजपा ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होते हुए अपने पिछले स्कोर में 1 और जोड़ते हुए 12 सीटों पर कब्जा जमाया। 14 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस के हाथ जो नेला वार्ड से निवर्तमान पार्षद राजेंद्र मोहन की पत्नी नर्वदा मोहन की मिली जिसका टिकट कटते कटते आखिरी क्षणों में किसी तरह से बहाल हुआ था। कांग्रेस की तीन बार लगातार पार्षद रही एडवोकेट अलकनंदा हांडा का टिकट काटा तो वह बागी होकर लड़ी और जीत गई, यहां से दिग्गज कांग्रेस नेता ठाकुर कौल सिंह के भतीजे को टिकट दिया गया जो तीसरे स्थान पर रहे।

इस बार रोचक यह रहा कि महिलाओं के 8 वार्ड आरक्षित होने के बावजूद भी 10 महिलाएं पार्षद बन कर नगर निगम में पहुंच गई। अलकनंदा हांडा व सुमन ठाकुर अनारक्षित वार्ड से जीती हैं। 6 निवर्तमान पार्षद मैदान में उतरे थे जिनमें से से पांच अलकनंदा, निर्मल वर्मा, वीरेंद्र आर्य, सुमन ठाकुर व नेहा कुमारी ने जीत हासिल की और लगातार दूसरी बार फिर से नगर निगम में पहुंच गई।

मंडी नगर निगम में पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का जादू सिर चढ़ कर बोला। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी यहां पर उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी लगातार मंडी में डटे रहे मगर मतदाताओं ने उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज करके यहां लगातार दूसरी बार भाजपा राज कायम कर दिया। रोचक यह रहा है कि जिला कांग्रेस की अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने जिन उम्मीदवारों को अपनी पसंद से टिकट दिया वह बुरी तरह से हार गए। उसके चचेरे भाई व दिग्गज नेता ठाकुर कौल सिंह के भतीजे प्रवीण कुमार तो वार्ड नंबर एक खलियार से तीसरे नंबर पर रहे। यहां पर कांग्रेस की अलकनंदा का टिकट काट दिया था और उसने आजाद उतर कर जीत हासिल की। उसका मुकाबला भाजपा के रणवीर सिंह सेन से हुआ जिसमें वह 24 वोटो से जीत गई। कांग्रेस पर गलत टिकट आवंटन के आरोप लगे थे, जो साबित भी हो गए।

वार्ड नंबर एक में कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहा तो 12 नंबर भगवाहन वार्ड में भी उसके उम्मीदवार तेजेंद्र सेन को महज 163 वोट ही मिल पाए व वह भी तीसरे स्थान पर रहे। 13 नंबर थनेहड़ा में कांग्रेस की उम्मीदवार एडवोकेट गीतांजलि शर्मा भाजपा की रजनी शर्मा से सबसे अधिक 609 वोटों के अंतर से हारी। जबकि पूर्व पार्षद भाजपा की सुमन ठाकुर पैलेस दो से सबसे अधिक 981 वोट लेने में सफल रही। सबसे कम अंतर पुरानी मंडी वार्ड 2 में सरिता हांडा का 11 वोटों से रहा। उन्होंने कड़े मुकाबले में कांग्रेस की रेखा को हराया। वार्ड 1 खलियार, अलकनंदा हांडा आजाद, 2 पुरानी मंडी सरिता हांडा भाजपा, 3 पड्डल निर्मल वर्मा भाजपा, 4 नेला नर्वदा मोहन कांग्रेस, 5 मंगवाईं कृष्णा ठाकुर भाजपा, 6 सन्यारड़ वीरेंद्र आर्य भाजपा, 7 तल्याहड़ जितेंद्र गुलेरिया भाजपा, 8 पैलेस एक से गुरदीप कौर भाजपा, 9 पैलेस दो सुमन ठाकुर भाजपा, 10 सूहड़ा नेहा कुमारी भाजपा, 11 समखेतर जितेंद्र शर्मा भाजपा, 12 भगवाहन से गगन कश्यप भाजपा, 13 थनेहड़ा से रजनी शर्मा भाजपा तथा 15 दौहंदी से रीता भाजपा हैं।

वार्ड नंबर 14 बैहना में लोगों ने बहिष्कार किया और उम्मीदवारों को भी नाम वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया था ऐसे में वहां चुनाव नहीं हो पाया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा