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मनरेगा में 50 दिन काम करने वाले परिवार बीपीएल सूची में हो सकेंगे शामिल

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शिमला, 07 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के निर्धारण से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। अब ऐसे परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल किया जा सकेगा, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 50 दिन काम किया हो।

ग्रामीण विकास विभाग के प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि बीपीएल परिवारों के निर्धारण संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया है। विभाग द्वारा जारी पहले के निर्देशों और उनमें समय-समय पर किए गए बदलावों को जारी रखते हुए 4 फरवरी 2026 को जारी बीपीएल दिशानिर्देशों के पैरा 1 (क) (4) को फिर से संशोधित किया गया है।

प्रवक्ता के अनुसार संशोधित प्रावधान के तहत अब उन परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल करने का रास्ता खुल गया है, जिनके सभी वयस्क सदस्य पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत कम से कम 50 दिन तक कार्य कर चुके हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो सकते हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस श्रेणी के अंतर्गत पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक के सर्वेक्षण के दौरान जो आवेदन प्राप्त हुए थे, उन पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा पात्र परिवारों से नए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। ऐसे परिवार 12 मार्च 2026 तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खंड स्तरीय समिति इन मामलों की जांच और सत्यापन करेगी। इसके बाद 15 मार्च 2026 तक पंचायत-वार पात्र परिवारों को अधिसूचित किया जाएगा। यह सूची बीपीएल परिवारों की “पांचवें चरण की सूची” के रूप में प्रकाशित की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से किए गए सर्वेक्षणों और तैयार सूचियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी पहले चरण से चौथे चरण तक किए गए सर्वेक्षणों के दौरान जो कार्यवाही की गई है, तैयार की गई सूचियां और लिए गए निर्णय पहले की तरह ही मान्य रहेंगे।

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार पांचवें चरण के सर्वेक्षण में संशोधित समावेशन और बहिष्करण मानदंड लागू होंगे। इसके साथ ही सत्यापन, अनुमोदन, अपील, अभिलेख संधारण और समय-सीमा से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पहले जारी किए गए नियमों के अनुसार ही लागू रहेंगी। यह प्रक्रियाएं विभाग द्वारा 19 मार्च 2025 को जारी पत्र और 15 दिसंबर 2025 की अधिसूचना में पहले ही निर्धारित की जा चुकी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा