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हल्की बरसात से भी दरक रहे हैं पहाड़, मंडी मनाली फोरलेन बार बार बाधित, मंडी पठानकोट मार्ग भी मंडी के पास हुआ है बाधित

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हल्की बरसात से भी दरक रहे हैं पहाड़, मंडी मनाली फोरलेन बार बार बाधित, मंडी पठानकोट मार्ग भी मंडी के पास हुआ है बाधित


मंडी, 10 जुलाई (हि.स.)। फोरलेन की कटिंग व बेतरतीब खुदाई से खोखले हुए पहाड़ हल्की बरसात से भी दरकने लगे हैं जिसका खामियाजा इस अति व्यस्त मार्ग जो सामरिक दृष्टि भी बहुत महत्वपूर्ण है पर मंडी और औट के बीच शुक्रवार को जगह जगह भूसख्लन होने से यह मार्ग बाधित रहा। मंडी से 30 किलोमीटर झलोगी टनल के पास दिन में कई बार भारी चट्टानें आई जिस कारण से आवागमन बाधित हुआ।

लोक निर्माण विभाग व एनएचएआई की मशीनरी ने पंडोह और औट के बीच जगह जगह आए मलबे को हटाने का काम तो किया मगर इससे इस मार्ग पर लंबा जाम लगता रहा। पुलिस सक्रिय रही मगर बीच बीच में हल्की बारिश और कच्चे खोखले हो गए पहाड़ लगातार गिरते रहे। कहीं कहीं पर फोरलेन पर ही इतना पानी भर गया कि गंदे पानी का तालाब बन गया। मंडी के बिंदरावणी जहां पर बड़ा जंक्शन बन रहा है में हालात बेहद दयनीय रहे। रात को ही यह मार्ग बंद हो गया था जिसे दिन में कई बार खोल कर बहाल किया मगर इससे आवागमन पर बड़ा असर पड़ा।

शुक्रवार सुबह सबसे पहले वाहनों के पहिए हणोगी पुल से पहले पहाड़ी से गिरे पथरों ने प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक रोके रखे। लोक निर्माण विभाग का जिसने जेसीबी लगाकर इस ब्लैक प्वाइंट से एक तरफा वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी। हल्की हल्की बारिश के साथ डयोड, रैंस नाला और झलोगी में पहाड़ी से पत्थरों का गिरने का क्रम लगातार चलता रहा। मगर फिर भी 10-15 मिनटों में वाहनों की आवाजाही चलती रही। हालांकि सड़क मार्ग में वाहनों की लम्बी कतारें जरुर देखी गई। झलोगी टनल से पिछले क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग पर दोपहर बाद गिरने से सड़क मार्ग थोड़ी थोड़ी देर के बाधित रहा। जिस कारण हणोगी टनल में वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। नौ मील पंडोह के पास सड़क मार्ग कीचड़ से भर गया था, मगर कछुआ चाल में वाहनों की आवाजाही निरंतर जारी रही।

बता दें की अभी वीरवार को ही डीसी मंडी और एनएचएआई ने इस सड़क मार्ग के सभी ब्लैक प्वाइंट का निरिक्षण किया था और आश्वासन दिया था कि किसी भी सूरत में इस सड़क मार्ग को अवरूद्ध नहीं होने दिया जाएगा, मगर कुछ ही घंटे बाद मार्ग पर चट्टानें आ गिरी। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वह अति आवश्यक होने पर ही मंडी कुल्लू के बीच सफर करें और पूरी सावधानी बरतें क्योंकि चट्टानों का आना लगातार जारी है और ऐसे में लापरवाही हादसों का कारण बन सकती है।

इधर, मंडी पठानकोट मार्ग मंडी और बिजणी के बीच में जहां पर फोरलेन का काम चल रहा है के पुराने रूट पर लगातार मलबा आ रहा है। ऐसे में वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है जिससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के चलते अभी भी जिला की कई ग्रामीण सड़कें बाधित हैं। जनजीवन प्रभावित हुआ है भले ही अभी तक कोई बड़ी भयंकर बारिश नहीं हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा