‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान से कांग्रेस को घेरेगी हिमाचल भाजपा, पदयात्राओं में जुटेंगे सीएम हिमंत बिस्वा सरमा सहित बड़े नेता
शिमला, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में भाजपा कांग्रेस के खिलाफ ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसके तहत पार्टी 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक प्रदेश के चार स्थानों पर पदयात्राएं निकालेगी। इनमें धर्मशाला, शिमला, मंडी और हमीरपुर शामिल हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मंगलवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप भी लगाया।
डॉ. बिंदल ने बताया कि पहली पदयात्रा 30 अक्टूबर को धर्मशाला में निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार करेंगे। इसके बाद 1 नवंबर को शिमला में पदयात्रा आयोजित होगी। यह पुराने बस अड्डे से चौड़ा मैदान तक निकाली जाएगी। इसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर और सांसद सुरेश कश्यप सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के संयोजक भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिट्टू वर्मा होंगे।
चार पदयात्राओं में से दो 4 नवंबर को आयोजित की जाएंगी। मंडी में होने वाली पदयात्रा का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज इसके संयोजक होंगे। इसी दिन हमीरपुर में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें सांसद अनुराग ठाकुर, सतपाल सिंह सत्ती सहित अन्य नेता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के संयोजक रणधीर शर्मा होंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन पदयात्राओं का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना और कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर जनता के सामने सवाल उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस चुनावों में हार के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बांग्लादेश की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर सत्ता परिवर्तन के लिए अनुचित रास्ते अपनाने की मंशा रखने का आरोप लगाया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत में सरकारें संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार बनती और बदलती हैं। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में आपातकाल लागू किए जाने, नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए जाने और निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक, सामरिक और विकास संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस राजनीतिक हताशा में सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। घुसपैठ के मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों की शुचिता बनाए रखना और केवल पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार सुनिश्चित करना जरूरी है।
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कथित आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ जनता के बीच जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

