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मजदूरों ने किया श्रम कल्याण बोर्ड का घेराव किया, 15 अगस्त से लंबित दावों के भुगतान का आश्वासन

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मजदूरों ने किया श्रम कल्याण बोर्ड का घेराव किया, 15 अगस्त से लंबित दावों के भुगतान का आश्वासन


शिमला, 08 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) के बैनर तले बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों निर्माण मजदूरों ने हमीरपुर में श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने लंबे समय से लंबित कल्याणकारी लाभों, पंजीकरण, नवीनीकरण और ई-केवाईसी से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार और श्रम कल्याण बोर्ड के खिलाफ नाराजगी जताई।

यूनियन के अनुसार प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद सुबह से ही विभिन्न जिलों के मजदूर हमीरपुर तहसील परिसर में एकत्र होने लगे। इसके बाद उन्होंने शहर में जुलूस निकाला और श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में हमीरपुर, शिमला, मंडी, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, चंबा, किन्नौर और कांगड़ा जिलों के मजदूर शामिल हुए।

यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में मौजूदा सरकार के कार्यकाल में श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाले कई लाभ बंद हो गए हैं। उनका कहना है कि कभी मजदूरों का पंजीकरण और नवीनीकरण रोक दिया जाता है और कभी ई-केवाईसी की प्रक्रिया के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से निर्माण मजदूरों के कई दावे लंबित हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी मजदूरों को लाभ नहीं मिल रहे हैं।

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि पहले बोर्ड के पोर्टल के माध्यम से कराई गई ई-केवाईसी को अब स्वीकार नहीं किया जा रहा है और मजदूरों से नई ऐप के जरिए दोबारा ई-केवाईसी करने के लिए कहा जा रहा है। कई मजदूर तीन बार तक ई-केवाईसी करा चुके हैं, फिर भी उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिला है।

प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, निर्माण मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंदर कुमार और राज्य महासचिव अमित कुमार ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि मजदूरों की मांगों पर श्रम कल्याण बोर्ड की बैठकों में कई बार फैसले लिए गए, फिर भी उन्हें लागू नहीं किया गया।

प्रदर्शन के बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी मांगों पर चर्चा की। वार्ता के दौरान बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि 31 जुलाई 2026 तक मुख्यालय को भेजे जाने वाले सभी पात्र दावों का भुगतान 15 अगस्त 2026 से पहले कर दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच लंबित पेंशन, मृत्यु सहायता, छात्रवृत्ति और अन्य सभी दावों, जिनमें मनरेगा मजदूर, परियोजना मजदूर, मिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, पेंटर और अन्य निर्माण श्रमिक शामिल हैं, उन्हें जिला श्रम कल्याण कार्यालयों से 15 अगस्त 2026 तक बोर्ड मुख्यालय भेजा जाएगा। इन दावों का भुगतान 30 सितंबर 2026 तक करने का लक्ष्य रखा गया है और इस संबंध में जिला श्रम कल्याण अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।

बैठक में यह भी तय हुआ कि पुराने लंबित दावों के लिए ई-केवाईसी कराने के लिए नवीनीकरण कराना जरूरी नहीं होगा। बिना नवीनीकरण के भी ई-केवाईसी की सुविधा दी जाएगी। इसके 3232 ही पंजीकरण और नवीनीकरण के सभी आवेदनों का निपटारा आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा