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मंडी में छह उप मंडियो व एक अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा: संजीव गुलेरिया

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मंडी में छह उप मंडियो व एक अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा: संजीव गुलेरिया


मंडी, 11 सितंबर (हि.स.)। कृषि उपज मंडी समिति, मंडी द्वारा जिला में छ उप मंडियो व एक अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा जिस के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। कृषि ऊपज मंडी समिति मंडी बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने किसानों एवं बागवानों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा जिले में मंडी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की ।

संजीव गुलेरिया ने बताया कि जिला मंडी में छह उप मंडियों और एक अनाज मंडी की स्थापना के लिए भूमि का चयन किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि उप मंडी जरलू (बल्ह) के लिए 19 बीघा भूमि का चयन किया गया है तथा निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यहां आधुनिक मंडी विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 30 दुकानें, नीलामी मंच, शौचालय सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। जबकि अनाज मंडी कांगणी के लिए 20 बीघा भूमि का चयन कर लिया गया है तथा भूमि विभाग के नाम भी कर दी गई है। इसी तरह उप मंडी चारकुफरी करसोग के लिए 13 बीघा सरकारी भूमि विभाग के नाम कर ली गई है। यहां 25 दुकानों, नीलामी मंच, शौचालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि उप मंडी बग्सयाड़ सराज के लिए भी भूमि का चयन कर उसे विभाग के नाम किया जा चुका है। वहीं उप मंडी कटौला (द्रंग) के लिए करीब सात बीघा भूमि का चयन कर विभाग के नाम किया गया है। यहां जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा इस वर्ष मंडी को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित मंडी में 12 दुकानें, नीलामी मंच, शौचालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि उप मंडी टिक्कन (बरोट-द्रंग) के लिए 10 बीघा भूमि का चयन किया गया है। सरकार से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होते ही यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा उप मंडी निहरी (सुंदरनगर) के लिए करीब पांच बीघा भूमि का चयन किया गया है तथा वन संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक प्रक्रिया तैयार की जा रही है। इन मंडियों एवं प्रस्तावित उप मंडियों की स्थापना का उद्देश्य किसानों और बागवानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध करवाना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा