स्वयं सहायता समूहों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
मंडी, 30 जुलाई (हि.स.)। कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में जाईका परियोजना कांगड़ा के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों की भूमिका एवं जिम्मेदारियाँ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। फसल विविधिकरण परियोजना के अंतर्गत कांगड़ा जिले की तीन उप-परियोजनाओं से 39 महिला प्रशिक्षुओं ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुन्दरनगर डा० राम चन्द्र चौधरी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण परियोजना (फेज-2) के तहत सब्जी उत्पादन, समूह आधारित कार्यप्रणाली तथा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान संसाधन व्यक्तियों डॉ. पी.एल. शर्मा, सेवानिवृत्ति उपनिदेशक कृषि डॉ. ए.आर. शर्मा, सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक हरी सिंह कौंडल, प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर तथा डॉ. अमर सिंह कौंडल एवं समन्वयक डा० नरेश कुमार ने स्वयं सहायता समूहों के गठन, संचालन, दस्तावेजों के रखरखाव, समूह प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और वित्तीय अनुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। विशेषज्ञों ने समूहों को बैंकिंग सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया।
प्रतिभागियों को बही-खातों के सुव्यवस्थित रखरखाव, अभिलेखों के ऑडिट, समूह में उत्पन्न समस्याओं के समाधान तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान महिला प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

