केएनएच की गायनी ओपीडी शिफ्ट करने के विरोध में उतरीं जनवादी महिला समिति, आंदोलन की चेतावनी
शिमला, 17 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से स्त्री रोग बाह्य रोगी विभाग (गायनी ओपीडी) को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शिफ्ट करने का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन कर सरकार से गायनी ओपीडी को केएनएच में ही चलाने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि सरकार को केएनएच से गायनी ओपीडीशिफ्ट करने के बजाय अस्पताल में ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केएनएच में महिलाओं को रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही उन्होंने 1 अप्रैल 2026 से जांचों की दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग भी उठाई।
फालमा चौहान ने कहा कि केएनएच से गायनी ओपीडी को शिफ्ट किए जाने का मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। उनके अनुसार, हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि केएनएच में अस्पताल ही चलाया जाए और वहां अन्य गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद गायनी ओपीडी आईजीएमसी में चल रही है, जिससे महिलाओं को इलाज करवाने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि कई बार महिलाओं को आईजीएमसी में पर्ची बनवाने के बाद इलाज के लिए केएनएच जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को इस व्यवस्था के कारण सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फालमा चौहान ने सरकार से मांग की कि गायनी ओपीडी को केएनएच से शिफ्ट करने की व्यवस्था पर रोक लगाई जाए और इसे कमला नेहरू अस्पताल में ही संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि केएनएच में ही महिलाओं के इलाज की सुविधाएं बेहतर की जानी चाहिए, जिससे मरीजों को परेशानी न हो। समिति ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी नहीं होने पर वह आंदोलन को और व्यापक करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

