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केएनएच अस्पताल को बदलने के विरोध में प्रदर्शन, महिलाओं की पुलिस से धक्का-मुक्की

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केएनएच अस्पताल को बदलने के विरोध में प्रदर्शन, महिलाओं की पुलिस से धक्का-मुक्की


शिमला, 15 सितंबर (हि.स.)। कमला नेहरू अस्पताल की स्त्री रोग बाह्य रोगी सेवा को इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में स्थानांतरित करने के विरोध में मंगलवार को शिमला में महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं छोटा शिमला स्थित राज्य सचिवालय के बाहर पहुंचीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटा दिए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन के कारण सर्कुलर रोड पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनाव बना रहा। समिति पिछले पांच-छह महीने से स्त्री रोग बाह्य रोगी सेवा को कमला नेहरू अस्पताल से स्थानांतरित करने के फैसले का विरोध कर रही है। अस्पताल के कर्मचारियों ने भी इस निर्णय के खिलाफ विरोध जताया है।

समिति का कहना है कि कमला नेहरू अस्पताल में महिलाओं को एक ही छत के नीचे उपचार की सुविधाएं मिलती हैं। समिति के अनुसार अस्पताल महिलाओं और बच्चों के उपचार के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है और इसकी सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। समिति ने आरोप लगाया है कि इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पहले ही मरीजों के दबाव में है। ऐसे में वहां अतिरिक्त विभाग ले जाने से मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ेगा।

समिति ने 12 सितंबर को सचिवालय मार्च निकालने का ऐलान किया था। समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट, सचिव फालमा चौहान और सचिवालय सदस्य सुनिधि चौहान ने कहा था कि आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। समिति ने दावा किया है कि कमला नेहरू अस्पताल को बचाने के समर्थन में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में एक लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। समिति के अनुसार ये हस्ताक्षर सरकार को सौंपे जाएंगे। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।

जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट व सचिव फालमा चौहान के मुताबिक प्रदेश में पहले रहे मुख्यमंत्रियों ने केएनएच की सुविधाओं में सुधार और विस्तार के लिए काम किया। समिति का आरोप है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था को बांटने और कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने कहा है कि वह केएनएच को बचाने के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा