महिला आरक्षण बिल पर राजनीतिक रोटियां सेंक रही भाजपा : अनुराग शर्मा
धर्मशाला, 18 अप्रैल (हि.स.)। राज्य सभा सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का लोक सभा में गिर जाना मोदी सरकार के लिए खतरे की घण्टी है। उन्होंने कहा कि इस बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े जबकि भाजपा की लोक सभा में संख्या मात्र 240 है और इससे साफ झलकता है कि भाजपा और विपक्ष में लोक सभा में संख्या बल का फर्क मात्र 10 सांसदों का है और इसे कभी भी बदला जा सकता है।
उन्होंने शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि महिला आरक्षण बिल तो संसद में वर्ष 2023 में पहले ही पास हो गया है जिसे वर्ष 2029 में लागू किया जाना है और अगर मोदी सरकार इसे वर्ष 2027 में लागू करना चाहती थी तो 2023 का बिल ही प्रस्तुत करना चाहिए था जिसे कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष पहले ही सर्वसम्मति से समर्थन दे चुका है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने सरकार को 2023 का मूल बिल प्रस्तुत करने के लिया कहा था लेकिन सरकार महिला आरक्षण की आड़ में अपना एजेंडा थोपना चाहती थी जिसे देश ने नकार दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं को संसद और विधान सभाओं में आरक्षण प्रदान करने की पुरजोर हिमायती रही है और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण स्वर्गीय राजीव गांधी ने प्रदान किया था जबकि भाजपा ने महिला आरक्षण के नाम पर मात्र राजनीति ही की है।
उन्होंने भाजपा से पूछा कि इस बिल को पास करवाने के लिए उनके पास जब बहुमत था ही नहीं तो उन्होंने इस बिल को संसद में पेश क्यों किया। उन्होंने कहा कि इससे सरकार का करोड़ों रूपये खर्चा किया जिसका कोई नतीजा नहीं निकला और अब भाजपा इस पर अपनी राजनैतिक रोटियों सेकना चाह रही है जिसमें वह कतई कामयाब नहीं होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

