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विजिलेंस के हर सवाल का दिया जबाव, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी करवा रहे उपलब्ध : सुधीर शर्मा

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विजिलेंस के हर सवाल का दिया जबाव, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी करवा रहे उपलब्ध : सुधीर शर्मा


धर्मशाला, 18 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस पूछताछ में मंगलवार को सभी सवालों के जबाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि रही संपत्ति के दस्तावेजों की बात तो वह भी विजिलेंस को उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से विजिलेंस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। सतर्कता विभाग द्वारा पूछे गए सभी वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों एवं अन्य रिकॉर्ड का उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरा विवरण दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, धर्मशाला द्वारा दर्ज एफआईआर को लेकर सुधीर शर्मा को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35 के तहत नोटिस जारी किया गया था जिसके चलते वह मंगलवार को विजिलेंस के धर्मशाला थाने में जांच अधिकारियों के समक्ष पेश हुए।

बाद में मीडिया से बातचीत में सुधीर शर्मा ने कहा कि इस मामले में उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है—न कोई संपत्ति छिपाई गई है और न ही कोई वित्तीय लेन-देन छिपाया गया है। यदि जांच एजेंसी किसी विशेष संपत्ति को छिपाने का आरोप लगाती है तो उस संपत्ति की स्पष्ट पहचान करे और संबंधित रिकॉर्ड सामने रखे। बिना किसी वास्तविक छिपाव को प्रमाणित किए आरोप लगाना गलत धारणा पैदा करने और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह महज एक राजनीतिक दृष्टि से बनाया गया मामला है। मुख्यमंत्री सुक्खू राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से इस तरह के मामले अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ दर्ज करवा रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक सामान्य नागरिक किसी राजनेता का चुनावी हलफनामा और उसमें घोषित चल-अचल संपत्तियों का विवरण देख सकता है, तो वही जानकारी सरकार और उसकी जांच एजेंसियों से कैसे छिपाई जा सकती है।

डीमैट रिकॉर्ड भी सत्यापन के लिए उपलब्ध करवाया

सुधीर शर्मा ने कहा कि सतर्कता विभाग द्वारा शेयरों और निवेश से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है। शेयरों का पूरा विवरण और डीमैट रिकॉर्ड सत्यापन के लिए सतर्कता विभाग को उपलब्ध करवाया गया है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने बैंक खाते, डीमैट खाते, संपत्तियां, वाहन, निवेश, ऋण तथा अन्य चल-अचल संपत्तियों से संबंधित बड़ी संख्या में रिकॉर्ड मांगे हैं और मांगी गई जानकारी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध करवाई जा रही है।

74.07 लाख की पैतृक भूमि की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड मौजूद

सुधीर शर्मा ने बताया कि संबंधित अवधि के दौरान बैजनाथ में स्थित पैतृक भूमि के दो हिस्से बेचे गए थे। दोनों लेन-देन की कुल राशि 74,07,000 थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों लेन-देन विधिवत पंजीकृत हैं और सरकारी रिकॉर्ड से उनका सत्यापन किया जा सकता है। इसलिए इन लेन-देन को छिपाने का कोई प्रश्न ही पैदा नहीं होता।

सुधीर शर्मा ने कहा कि इसी अवधि में एक अन्य संपत्ति अनुराग शर्मा, निवासी बीड़, को 14.50 लाख में बेची गई थी। सतर्कता विभाग द्वारा जारी नोटिस में इस विशेष लेन-देन का विवरण अलग से नहीं मांगा गया था, इसके बावजूद पारदर्शिता रखते हुए इसे स्वयं सतर्कता विभाग को दिए जा रहे जवाब में शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस लेन-देन की जांच किए जाने पर भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बल्कि उनकी मांग है कि प्रत्येक प्रासंगिक वित्तीय लेन-देन की जांच हो, लेकिन जांच का मापदंड सभी के लिए समान होना चाहिए।

सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए दमनकारी और प्रतिशोध की राजनीति की जा रही है। सरकार को लगता है कि मुकदमों और जांच एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष के नेताओं को जनता के मुद्दे उठाने से रोका जा सकता है, लेकिन यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि मुझे जनता के मुद्दे उठाने से ऐसी कोई साजिश नहीं रोक सकती।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया