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साक्ष्य संग्रहण और फॉरेंसिक जांच पर शुरू हुआ तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर

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साक्ष्य संग्रहण और फॉरेंसिक जांच पर शुरू हुआ तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर


धर्मशाला, 16 मार्च (हि.स.)। आपराधिक जांच को वैज्ञानिक और न्यायिक कसौटी पर सटीक बनाने के उद्देश्य से पुलिस जिला नूरपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में “साक्ष्य संग्रहण, संरक्षण और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भेजने के विषय पर तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निदेशालय फॉरेंसिक सेवाएं शिमला हिल्स जुन्गा द्वारा जिला ऊना और पुलिस जिला नूरपुर के जांच अधिकारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन हिमाचल प्रदेश की फॉरेंसिक सेवा निदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन कुलभूषण वर्मा, पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला नूरपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर धर्म चंद वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नूरपुर और नसीब सिंह पटियाल, सहायक निदेशक, डीएफएस जुन्गा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य पुलिस अधिकारियों के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को बढ़ाना है ताकि अपराध स्थल का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य प्रबंधन अपराध स्थल से साक्ष्य जुटाने की आधुनिक तकनीक। साक्ष्यों का संरक्षण, जैविक, रासायनिक और बैलिस्टिक साक्ष्यों को दूषित होने से बचाना है। इसके साथ ही साक्ष्यों की उचित पैकेजिंग, लेबलिंग और प्रयोगशाला में भेजने के लिए फॉरवर्डिंग लेटर तैयार करने की सही प्रक्रिया को जानना भी शामिल है। तीन दिनों तक चलने वाले इस शिविर में डीएफएस जुन्गा, क्षेत्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला धर्मशाला और डीएफयू नूरपुर के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान और व्यावहारिक प्रदर्शन देंगे। इसमें ट्रेस एविडेंस की हैंडलिंग और दस्तावेजीकरण की बारीकियों को सिखाया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया