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चार साल के लंबे अंतराल के बाद कांगड़ा घाटी में रेल सेवा बहाल, सांसद अनुराग ठाकुर व डॉ. राजीव भारद्वाज ने ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

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चार साल के लंबे अंतराल के बाद कांगड़ा घाटी में रेल सेवा बहाल, सांसद अनुराग ठाकुर व डॉ. राजीव भारद्वाज ने ट्रेन को दिखाई हरी झंडी


धर्मशाला, 02 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में पिछले करीब चार साल से बंद पड़ी रेल सेवा मंगलवार से बहाल हो गई है। हिमाचल-पंजाब सीमा के साथ पठानकोट में चक्की रेल पुल के पुनर्निर्माण के चलते यह संभव हो पाया है जिससे रेल कनेक्टिविटी को दोबारा से नई उड़ान मिली है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने आज कांगड़ा रेलवे स्टेशन से नैरो गेज ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रेल सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर कांगड़ा के विधायक पवन काजल और विधायक ठाकुर रणबीर सिंह निक्का, रेलवे के डीआरएम विवेक कुमार भी मौजूद रहे।

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल के हर कोने को रेल सेवा से जोड़ा जाए। कांगड़ा की ये ट्रेन उसी संकल्प का हिस्सा है। नैरो गेज ट्रेन के शुरू होने से कांगड़ा-धर्मशाला क्षेत्र में पर्यटन को बड़ा बूस्ट मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 60 साल में गरीब को बस वोट बैंक बनाया।

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में बाढ़ के कारण हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित चक्की नदी रेलवे पुल बह जाने के कारण पठानकोट से कांगड़ा की ओर रेल सेवा पूरी तरह बाधित हो गई थी। चक्की नदी पर इस पुल के पुनर्निर्माण की मांग को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया जिस पर कार्यवाही करते हुए पुल के निर्माण का कार्य रेल मंत्रालय द्वारा शुरू कराया गया। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है। रेल सेवा की बहाली से देवभूमि में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

प्राकृतिक आपदा के लिए केंद्र से मांगे हैं 111 करोड़

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के लिए केंद्र सरकार से 111 करोड़ की मांग कर रहे हैं। भाजपा संकट में साथ हर हिमाचली में साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देवभूमि हिमाचल प्रदेश को रेल नेटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण, सुरक्षा परियोजना और विद्युतीकरण के लिए 2911 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। मोदी सरकार का हिमाचल में रेल नेटवर्क के विकास में सदा ही विशेष योगदान रहा है और यह मंजूर राशि कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई राशि से 27 गुना अधिक है। अगर देवभूमि में मौजूदा रेलवे विस्तार के कार्यों को देखें तो अभी हिमाचल में 17 हजार 711 करोड़ की परियोजनाएं चल रहीं हैं जिससे राज्य में रेल नेटवर्क बेहतर होगा। 46 करोड़ रुपए की लागत से हिमाचल प्रदेश के चार रेलवे स्टेशन को अमृत स्टेशन योजना के तहत नए सिरे से विकसित किए जाने का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।

कांगड़ा से सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि पहाड़ी राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार मतलब विकास की नई पटरी पर हिमाचल का आगे बढ़ना।

वहीं कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने कहा कि कांगड़ा की जनता का दशकों पुराना सपना आज साकार हुआ है। नैरो गेज ट्रेन से हमारे क्षेत्र का पर्यटन, व्यापार और रोजगार तीनों बढ़ेंगे। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह अवसर हिमाचल के रेल यातायात सुविधा में एक अहम पड़ाव है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया